भारत ने ऑस्ट्रेलिया को टी20 सीरीज के पांचवें और आखिरी मुकाबले में 6 रन से हरा दिया है। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लगातार गिरते विकेट के बीच श्रेयस अय्यर के अर्धशतक की मदद से भारत ने आठ विकेट पर 160 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने तेज शुरुआत की लेकिन बल्लेबाजी के लिए मुश्किल विकेट पर कंगारू भी टिककर नहीं खेल पाए। आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे लेकिन अर्शदीप सिंह ने सिर्फ 3 रन ही दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने 5 मैचों की सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया।
खुलकर नहीं खेल पाए भारतीय बल्लेबाज
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने कसी गेंदबाजी करके भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर नहीं खेलने दिया। वनडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले अय्यर ने 37 गेंद पर 53 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल हैं। उनके अलावा सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे अक्षर पटेल ने 21 गेंद पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 31 रन का उपयोगी योगदान दिया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद पावरप्ले के छह ओवर में 42 रन बनाए और इस बीच चार गेंद के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों यशस्वी जायसवाल (15 गेंद पर 21) और रुतुराज गायकवाड (12 गेंद पर 10) के विकेट गंवाए। जायसवाल ने आरोन हार्डी और जेसन बेहरनडॉर्फ (38 रन देकर दो विकेट) पर छक्के लगाए लेकिन पिछले कुछ मैचों की तरह एक और लंबा शॉट खेलने के प्रयास में उन्होंने गेंद हवा में लहराकर पवेलियन की राह पकड़ी। गायकवाड भी सही टाइमिंग से बड़ा शॉट नहीं खेल पाए और मिड ऑफ पर कैच दे बैठे।
अय्यर और अक्षर ने संभाला
बेन ड्वारश्विस (30 रन देकर दो विकेट) ने गायकवाड को आउट करने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (05) को भी पवेलियन भेजा, जो शुरू में मिले जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए। रिंकू सिंह (06) भी अपना जलवा नहीं दिखा पाए और लेग स्पिनर तनवीर संघा (26 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर कैच दे बैठे जिससे भारत का स्कोर चार विकेट पर 55 रन हो गया।
शुरुआत अच्छी पर बिखर गई ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया को सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने तेज शुरुआत दिलाई। लेकिन जोश फिलिप सिर्फ 4 रन बनाकर मुकेश कुमार की गेंद पर बोल्ड हो गए। हेड ने रवि बिश्नोई की गेंद पर बोल्ड होने से पहले 18 गेंद पर 28 रन बनाए। आरोन हार्डी भी 10 गेंद पर 6 रन ही बना सके। लेकिन इसके बाद बेन मैकडरमोट एक छोर पर टिक गए और तेजी से रन बनाने लगे। हालांकि कोई भी उनके साथ खुलकर नहीं खेल पाए और भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा।
