Home देश Delhi Liqour Policy Case What Options Before ED After Arvind Kejiwal Skips...

Delhi Liqour Policy Case What Options Before ED After Arvind Kejiwal Skips Summon

[ad_1]

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार (2 नवंबर) को मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गए हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वह सिंगरौली में रोड शो करेंगे. आज उन्हें दिल्ली के शराब नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होना था, लेकिन उन्होंने ईडी को पत्र भेजकर समन वापस लेने को कहा है. उनका कहना है कि समन गैर कानूनी और राजनीति से प्रेरित है. उनका आरोप है कि बीजेपी के इशारे पर समन भेजा गया. 30 अक्टूबर को ईडी ने उन्हें समन भेजकर पेश होने के कहा था.

ईडी ने शराब नीति घोटाला मामले में दाखिल आरोप पत्रों में बार-बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है. इसी साल अप्रैल में सीबीआई ने उनसे इस मामले में पूछताछ की थी. आज अरविंद केजरीवाल के पेश नहीं होने के बाद ईडी के पास क्या रास्ता बचता है और आगे अरविंद केजरीवाल के पास क्या विकल्प हैं, आइए जानते हैं-

आगे क्या कर सकती है ED-
प्रवर्तन निदेशायल फिर से अरविंद केजरीवाल को समन भेज सकती है. कोई शख्स सिर्फ तीन बार ही ईडी के समन को नजरअंदाज कर सकता है. समन भेजने के बाद जांच एजेंसी गैर-जमानती वारंट की मांग कर सकती है. गैर जमानती वारंट कोर्ट का आदेश होता है, जिस पर तय समय और तारीख पर पेश होना जरूरी होता है. अगर कोई गैर जमानती वारंट की बात नहीं मानता है तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और फिर कोर्ट में पेशी होगी. 

अरविंद केजरीवाल के पास क्या हैं विकल्प-
अरविंद केजरीवाल समन को चुनौती देने के लिए कोर्ट का रुख कर सकते हैं और अग्रिम जमानत की मांग कर सकते हैं. शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. फरवरी में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार जमानत की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली. सोमवार (30 अक्टूबर) को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. वहीं, 5 अक्टूबर को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. इनके अलावा आज दिल्ली सरकार में मंत्री राज कुमार आनंद के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है.

यह भी पढ़ें:-
कौन हैं केजरीवाल सरकार में मंत्री राज कुमार आनंद, जिनके यहां ED ने की छापेमारी? जानिए किस मामले में हुई रेड

[ad_2]

Exit mobile version