Madhya Pradesh Assembly Election 2023 Madhya Pradesh Five Constituency Where Victory Margin Is Less Than 1000 Vote

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Madhya Pradesh Election 2023: मध्य प्रदेश के लोगों का लंबा इंतजार खत्म होने वाला है. 17 नवंबर को यहां के लोग नई सरकार चुनने के लिए वोट डालेंगे. विधानसभा की 230 सीटों के लिए होने वाले मतदान के पार्टियों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. सभी प्रत्याशी ज्यादा से ज्यादा वोटर को अपने पक्ष में करना चाह रहे हैं, लेकिन इसमें कौन कामयाब होगा, इसका पता 3 दिसंबर को मतगणना के बाद ही चलेगा.

फिलहाल सभी की कोशिश एक-एक वोटर को घर से निकालकर मतदान केंद्र तक ले जाने की है, ताकि कुछ वोटों के अंतर से उन्हें हार का सामना न करना पड़े. यहां हम आपको बताने वाले हैं मध्य प्रदेश में 2018 में हुए विधानसभा चुनावों की उन 5 सीटों के बारे में जहां जीत-हार का अंतर 1 हजार से भी कम वोटों का रहा.  

1. ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सीट

इस विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण पाठक ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह को 121 वोटों से हराया. यह 2018 में सबसे कम अंतर की जीत थी.

2. सुवासरा विधानसभा सीट

2018 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे कम अंतर से जीत के मामले में इस सीट का दूसरा नंबर था. यहां कांग्रेस प्रत्याशी डांग हरदीप सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राधेश्याम नानालाल पाटीदार को 350 वोटों के अंतर से हराया था.

3. जावरा विधानसभा सीट

जावरा विधानसभा सीट पर आए नतीजों की भी चर्चा 2018 में खूब हुई थी. उस वक्त बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र पांडे ‘राजू भैया’ ने यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार के.के. सिंग कालूखेड़ा को 511 वोटों के अंतर से हराया था.

4. जबलपुर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र

जबलपुर उत्तर विधानसभा सीट पर इस बार भी सबकी नजर रहेगी. 2018 में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी विनय सक्सेना ने भाजपा प्रत्याशी शरद जैन को 578 वोटों के अंतर से हराया था.

5. बीना विधानसभा सीट

बीना विधानसभा सीट से 2018 में बीजेपी प्रत्याशी महेश राय ने कांग्रेस प्रत्याशी शशि कथोरिया को 632 वोटों के से हराया था.

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