इजरायल ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर मिसाइल प्रोडक्शन साइट पर बुधवार देर रात हमले किए। अराक हैवी वाटर रिएक्टर को भी तबाह कर दिया। इस हमले में 40 फाइटर एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल हुआ और 100 से अधिक बम गिराए गए। नतांज के पास न्यूक्लियर हथियार डेवलपमेंट से जुड़ी फेसिलिटी को भी निशाना बनाया गया।

इजरायल ने बुधवार की देर रात ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। इसमें ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर, मिसाइल प्रोडक्शन साइट और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इजरायल ने ईरान के अराक हैवी वाटर रिएक्टर को भी तबाह कर दिया। इजरायल की डिफेंस फोर्स ने बताया कि इस ऑपरेशन के लिए 40 फाइटर एयरक्राफ्ट को काम पर लगाया गया था। इजरायल ने 100 से अधिक बमों को गिराकर अराक हैवी वाटर रिएक्टर और नतांज के पास न्यूक्लियर हथियार डेवलपमेंट से जुड़े फेसिलिटी को तबाह कर दिया।
अराक रिएक्टर हुआ तबाह
अराक रिएक्टर का निर्माण पहली बार 1997 में शुरू हुआ था। लेकिन यह आंशिक रूप से ही बन पाया था। 2015 में जब जॉइंट कॉम्प्रीहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन पर सहमति बनी, तो ईरान ने प्लूटोनियम के उत्पादन में इसका इस्तेमाल न करने की बात कही। अराक रिएक्टर चालू नहीं है, लेकिन इजरायल ने अब इसकी गुंजाइश को ही खत्म कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान से 280 किलोमीटर दूर स्थित इस रिएक्टर में कोई न्यूक्लियर मैटेरियल नहीं था, इसलिए इससे रेडियोलॉजिकल इफेक्ट की संभावना भी नहीं बनती है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी ईरान के साइट्स पर हमले की पुष्टि की है।
तेहरान, इस्फ़हान, शिराज और करमानशाह में भी हमला
इसके अलावा इजरायल ने तेहरान, इस्फ़हान, शिराज और करमानशाह में भी हमला किया। इजरायल का दावा है कि नतांज के पास न्यूक्लियर हथियार के लिए यूनिक कॉम्पोनेंट्स और इक्विपमेंट्स के डेवलेपमेंट की परियोजनाएं चल रही थीं, जिन्हें खत्म करने के लिए भी इजरायल ने स्ट्राइक की। इजरायल ने साफ कर दिया है कि ऑपरेशन जब तक जरूरी होगा, जारी रहेगा। इजरायली मिलिट्री के अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि हमारा लक्ष्य इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरे को कम करना है।