Bareilly violence: यूपी के बरेली में आई लव मोहम्मद के नारों के बीच शुक्रवार को जुमे के नमाज के बाद बवाल हो गया। मस्जिद पर जमा भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना में करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 500 से ज्यादा लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
Bareilly violence: बरेली में जुमा की नमाज के बाद आईएमसी प्रमुख के ज्ञापन न देने पर पुलिस ने लोगों को घर भेजना शुरू किया। नौमहला मस्जिद से आई लव मुहम्मद के नारे लगाते हुए भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। मासूम किशोरों को आगे कर उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने का षड्यंत्र किया जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

भीड़ को एसडीएम सदर ने काफी देर तक समझाया
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने भी काफी देर तक समझाया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। उपद्रवियों की माहौल बिगाड़ने का षड्यंत्र इस बात से समझा जा सकता है कि अधिकांश स्थानों पर मासूम किशोरों और नवयुवकों को आगे किया गया, जिससे कि उन पर पुलिस हमला न करे, उन्हीं बच्चों के हाथ में तख्तियां थीं। ऐसा इसलिए किया गया कि पुलिस बल प्रयोग न किया जाए। उपद्रवी युवकों के हंगामा करने पर पुलिस बल प्रयोग करके वहां से हटाना पड़ा।
पुलिसकर्मी घायल, अवैध हथियार और कारतूस बरामद
बरेली में मौलाना के आह्वान पर उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग की जिससे कई घायल हो गए। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने घटना स्थल से कई लोगों अवैध असलाह के साथ ही दगे हुए कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस अब उन लोगों की पहचान में जुटी है जिन्होंने यह फायरिंग की थी। डीआईजी का कहना हैं कि जितने भी लोगों को छर्रे लगे हैं सभी का उपचार किया जा रहा है।
तीन-चार जगह फायरिंग, कई लोगों को लगे छर्रे
पुलिस के अनुसार उपद्रवियों ने कोई एक जगह नहीं बल्कि दो-तीन जगहों पर अवैध असलहों से फायरिंग की थी। अभी तक पुलिस अभी तक करीब छह से सात दगे हुए कारतूस के अलावा कई अवैध असलहे भी बरामद कर चुकी है। आइ ट्रिपल सी के कैमरों से अब यह देखा जा रहा है कि भीड़ में वो कौन उपद्रवी थे जो यह असलाह लेकर आए थे। फायरिंग से एक बात तो तय हो गई कि उपद्रवी सिर्फ और सिर्फ दंगे के मकसद से ही आए थे।
200 मीटर दायरे में फैली चप्पल
लाठी चार्ज के बाद जब लोगों भागे तो किसी की चप्पल छूटी तो किसी का गमछा गिरा। कुछ लोगों के तो कपड़े भी फटे। घटना स्थल से जब सभी लोग अपने-अपने घरों को दौड़ गए तो वहां पर 200 मीटर के दायरे में सिर्फ चप्पलें और फटे हुए कपड़े ही पड़े दिखाई दे रही थीं। यही हाल अन्य उन स्थलों का भी था जहां-जहां लाठी चार्ज की गई। हर जगह पर पड़े पत्थर यह भी यह बता रहे थे कि पुलिस पर काफी पथराव हुआ।
मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें बढ़ीं, सैकड़ों अज्ञात लोगों पर एफआईआर
उपद्रव के बाद शहर के चार थानों में मौलाना तौकीर रजा समेत सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। बारादरी थाने में दो मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। पहले मुकदमे में पुलिस ने 28 लोगों को नामजद करते हुए, ढाई सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है। इसी के साथ दूसरे मुकदमे में करीब 18 लोगों को नामजद करते हुए बाकी डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।
बारादरी में इनके खिलाफ केस दर्ज
बारादरी में लिखे गए मुकदमे में नदीम, अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीम तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल्ला नबी, कलीम खान, मोबीन, नायाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाउद खा, अमन, अजमल रफी, फैजान, सामनान, सम्मू खान, अरशद अली, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान मुनीमिया मोहम्मद आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस, आशु आदि को नामजद किया गया है। दूसरे मुकदमे में भी 18 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें मौलाना तौकीर रजा भी है।
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से आया फायर
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से किसी ने फायर किया तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। चंद मिनट में ही पूरा श्यामगंज खाली हो गया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। श्यामगंज में करीब एक घंटे से उपद्रवी डेरा जमाए खडे थे। सीओ तृतीय समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर कोई मानने को तैयार नहीं था। पुलिस ने रस्सा खींचकर भीड़ को रोका था, लेकिन सभी इस्लामियां ग्राउंड में जाने की होड़ में थे।
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