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<p style="text-align: justify;">इजरायल पर हमास के हमले के बाद गाजा अब मुश्किलों में फंस गया है. 7 अक्टूबर से जारी इस युद्ध में इस्लामिक लड़ाकों को खत्म करने की अपनी कोशिशों में इजरायली रक्षा बलों ने गाजा में 4,300 जगहों पर हमला किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सेना ने सोमवार को गाजा की लाइफलाइन माने जाने वाले अल शिफा अस्पताल को घेर लिया. दरअसल ये घेराव उत्तरी गाजा पर कब्जा करने के इजरायली सेना के लक्ष्य के तहत था. </p>
<p style="text-align: justify;">गाजा के अल शिफा अस्पताल के आसपास लगातार बमबारी हो रही है, वहीं अस्पताल में ईंधन की कमी और बिजली-पानी की सुविधा न होने से शिशुओं सहित कई मरीज जान गवां रहे हैं. अल शिफा अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार इजरायली बलों ने गाजा के मुख्य चिकित्सा केंद्र के चारों ओर ‘सर्कल ऑफ डेथ’ बना लिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है ‘सर्किल ऑफ डेथ'</strong><br />गाजा के अल शिफा अस्पताल में पिछले हफ्ते 32 लोगों की मौत हो चुकी है. इस अस्पताल में अब कम से कम 650 मरीज और हैं. इस अस्पताल के चारों ओर इजरायली सेना ने कब्जा कर लिया है. जिसे अस्पताल के डॉक्टर ‘सर्कल ऑफ डेथ’ यानी मौत का घेरा बता रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टर एल मोखाल्लालती ने कहा कि अब अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए एक सुरक्षित जगह नहीं है और उन्हें वहां रखना लोगों को खतरे में डाल रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि अल शिफा अस्पताल के आसपास होती बमबारी, पानी और ऑक्सीजन आपूर्ति से समझौता कर लिया है. इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि गाजा का मुख्य अस्पताल अब काम नहीं कर रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों कई मरीज होने के बाद भी अल शिफा अस्पताल के पीछे पड़ा इजरायल?</strong><br />हमास को खत्म करने के लिए अल शिफा अस्पताल को इजरायल निशाना बना रहा है. दरअसल नेतन्याहू की इजरायली रक्षा सेना (आईडीएफ) गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा को निशाना बना रही है और आरोप लगा रही है कि हमास ने नीचे बंकर बनाए हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं से उनका काम चल रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">अल शिफा अस्पताल का महत्व इसलिए भी है क्योंकि ये विशाल परिसर गाजा शहर के केंद्र पर बना है, जहां हमास का अधिकांश प्रशासनिक बुनियादी ढांचा है और यह तट के साथ चलने वाली मुख्य उत्तर-दक्षिण सड़क के करीब है.</p>
<p style="text-align: justify;">13 नवंबर को इस अस्पताल के परिसर में 650 मरीज, 500 स्वास्थ्यकर्मी और अनुमानित 2,500 विस्थापित लोग मौजूद थे.</p>
<p style="text-align: justify;">इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि वो चिकित्सा सुविधाओं को निशाना नहीं बनाते हैं और हम दावा करते आए हैं कि हमास का मुख्यालय अल-शिफा के नीचे बने बंकरों में स्थित है. आतंकवादी इस्लामी संगठन मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों और लड़ाई से विस्थापित हजारों लोगों को "मानव ढाल" के रूप में उपयोग कर रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने इस बात से इनकार किया है कि इजरायल गाजा के सबसे बड़े अस्पताल पर हमला कर रहा है. अल-शिफा के कर्मचारियों की रिपोर्ट से पता चलता है कि हजारों फिलिस्तीनियों को आश्रय देने वाले अस्पताल में बिजली नहीं है, लेकिन हर्ज़ोग ने कहा कि अस्पताल में "सबकुछ ठीक चल रहा है"</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अस्पताल को निशाना बनाना क्यों आसान नहीं</strong><br />इजरायली सेना से घिरे अल शिफा अस्पताल को निशाना बनाना इजलायल के लिए इतना भी आसान नहीं है जितना दिख रहा है. क्योंकि गाजा के अस्पतालों पर बमबारी की जहां विश्व के नेता निंदा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर नेतन्याहू पर आम नागरिकों को निशाना न बनाने का भी दवाब है.</p>
<p style="text-align: justify;">सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने बताया, "संयुक्त राज्य अमेरिका उन अस्पतालों में गोलीबारी नहीं देखना चाहता जहां निर्दोष लोग, चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने वाले मरीज गोलीबारी में फंस गए हैं. हमने इस पर इजरायली रक्षा बलों के साथ सक्रिय परामर्श किया है."</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में अल शिफा अस्पताल पर लगातार होती बमबारी राजनीतिक और कूटनीतिक जोखिम बनी हुई है. वहीं इजरायल ऐसा कोई कदम उठाने से भी बचेगा जहां उसका साथ देने वाले राष्ट्र भी पीछे हट जाएं.</p>
<p style="text-align: justify;">गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेल अवीव में राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान के प्रोफेसर कोबी माइकल कहते हैं, "इस युद्ध में हमें हमास के उन तत्वों को खत्म करना होगा जो हमास को फिर से सैन्य खतरा या फिर से सरकार बनने से रोकेंगे."</p>
<p style="text-align: justify;">कोबी आगे कहते हैं कि हम बमबारी या गोलीबारी की विचारधारा से नहीं निपट सकते. इसके लिए अलग-अलग साधनों की आवश्यकता है. इसका इस युद्ध के तात्कालिक उद्देश्यों से कोई लेना-देना नहीं है. अभी हमें सैन्य और राजनीतिक इकाई से निपटना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नेतन्याहू की हिजबुल्लाह को चेतावनी</strong><br />इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बीच हिजबुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी सेना पर हमला करने वाले आग से खेल रहे हैं. अभी तक हमने सिर्फ अपनी थोड़ी सी ही शक्ति का इस्तेमाल किया है. हमास खत्म हो जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं गाजा पट्टी के उप स्वास्थ्य मंत्री यूसुफ अबू रिश ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी से कहा है कि गाजा के उत्तर में सभी अस्पताल आउट ऑफ सर्विस (सेवा से बाहर) हो चुके हैं. इसके अलावा न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गाजा से दस लाख से अधिक नागरिक विस्थापित हो गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इजराइली सेना ने सोमवार को ये जानकारी दी कि उत्तरी गाजा में ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान दो और सैनिकों की मौत हो गई है. इसी के साथ ग्राउंड ऑपरेशन में जान गंवाने वाले जवानों की संख्या 44 हो गई है. हमास ने सात अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इसके बाद इजरायल ने हवाई हमले शुरू किए और बाद में इजरायल की सेना गाजा में दाखिल हुई.</p>
<p style="text-align: justify;">इस जंग में फिलिस्तीन के 11 हजार 240 लोग जान गवां चुके है. वहीं इजरायल के 1200 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा करीब 240 लोगों को हमास अब भी बंधक बनाए हुए है.</p>
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