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हाइलाइट्स
बाजार से मंदिर लाकर उसे सही दिशा में लगाना बेहद जरूरी है.
गलत दिशा में मंदिर स्थापित करने से पूजा का फल नहीं मिलता है.
मंदिर पूर्व या उत्तर दिशा के ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए.
Temple Vastu Tips: किसी भी घर की सबसे शुद्ध और पवित्र जगह पूजा स्थल यानी मंदिर होता है, क्योंकि मंदिर में देवतागण निवास करते हैं. ऐसे में उनकी पूजा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, जबकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है. हालांकि इसका लाभ तभी मिलेगा, जब घर में मंदिर सही जगह और सही दिशा में स्थापित होगा. दरअसल, ज्यादातर लोग बाजार से मंदिर लाकर उसे सही दिशा में लगाना भूल जाते हैं. ऐसे में उनको पूजा का फल नहीं मिल पाता है. वास्तु में मंदिर से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं, जिनको फॉलो करने से पूजा का लाभ मिलने लगेगा. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानते हैं किस दिशा में मंदिर होना शुभ होगा और किस दिशा में लगाने से बचना चाहिए.
किस दिशा में मंदिर स्थापित करने से बचें?
वास्तु के अनुसार, घर में मंदिर रखने की सही दिशा के साथ सही जगह का विशेष महत्व होता है. ऐसे में यदि आप बाजार से नया मंदिर खरीदकर लाएं तो उसको दक्षिण दिशा में स्थापित करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि दक्षिण दिशा में मंदिर स्थापित करने से पूजा का लाभ नहीं मिल पाता है. घर में निगेटिविटी भी हावी होती है. मेहनत करने के बाद भी हाथ में पैसा नहीं होता है. इसके अलावा आप पैसे के लिए मोहताज हो सकते हैं.
घर में मंदिर के लिए सही दिशा क्या?
घर में मंदिर स्थापित करने से पहले उससे जुड़ी जानकारी का होना बेहद जरूरी है. ऐसे में यदि आप बाजार से मंदिर लाकर लगाना चाहते हैं तो उसका विधि-विधान पूजन कराना चाहिए. इसके बाद उसको घर में पूर्व या उत्तर दिशा के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थापित करना चाहिए. वास्तु की मान्यता है कि ईश्वरीय शक्ति ईशान कोण से प्रवेश करती है और नैऋत्य कोण (पश्चिम-दक्षिण) से बाहर निकलती है. यदि ये संभव न हो तो पश्चिम दिशा में भी स्थापित कर सकते हैं. ऐसा करने से भगवान का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है. साथ ही घर में दरिद्रता दूर चली जाती है.
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किस दिशा में हो मंदिर और पुजारी का मुख?
ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत के अनुसार, मंदिर की दिशा के साथ उसके मुख की भी दिशा सही होनी चाहिए. वास्तु के हिसाब से पूजा स्थल का द्वार पूर्व की तरफ होना चाहिए. वहीं, पूजा करने वाले व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा में होना श्रेष्ठ माना जाता है. ऐसा करने से पूजा का लाभ मिलता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होता है. इसके अलावा घर से निगेटिविटी दूर हो जाती है.
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इन बातों का भी रखें ध्यान
– मंदिर में कभी भी खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
– मंदिर में सफेद रंग के बल्ब का उपयोग करें. लाल रंग के बल्ब से मानसिक तनाव उत्पन्न होता है.
– मंदिर में पूर्वजों की फोटो भी नहीं रखनी चाहिए. एक भगवान की कई तस्वीरें भी नहीं रखनी चाहिए.
– मंदिर मे बर्तनों और देवी-देवताओं की प्रतिमा भी रोजाना साफ करें. इससे घर में सुख-समृद्धि रहती है.
– मंदिर में प्रतिदिन सुबह-शाम अगरबत्ती और दीपक जलाएं. ऐसा करने से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं.
– शौचालय और पूजा घर पास-पास नहीं होना चाहिए. मंदिर के दरवाजे पर हमेशा पर्दा लगाना चाहिए.
– मंदिर के आसपास पूजन सामग्री, धार्मिक पुस्तकें रखनी चाहिए. घर का अन्य सामान रखने से बचना चाहिए.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion
FIRST PUBLISHED : October 15, 2023, 02:41 IST
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