
Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को हुए ट्रेन हादसे में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं घायल हुए बीस लोग अस्पतालों में दर्द से कराह रहे हैं। अभी तक घटना की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। हालांकि रेलवे ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी है।
Bilaspur Train Accident: तोरवा के थाना प्रभारी अभय सिंह बैस ने बताया कि रेलवे के एक अधिकारी से प्राप्त ज्ञापन के आधार पर तोरवा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएसएन) की धारा 106 (1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 125 (ए) (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) और रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की जाँच जारी है।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर पहुंचे
इस बीच, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को हुई दुर्घटना की जांच के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त बीके मिश्रा बिलासपुर पहुंच गए हैं। बिलासपुर स्टेशन के निकट कथित तौर पर लाल सिग्नल पार करने के बाद एक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) यात्री ट्रेन ने एक खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे छह महिलाओं सहित 11 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।
तीन कर्मचारी भी अस्पताल में भर्ती
यह दुर्घटना व्यस्त मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर बिलासपुर और गतोरा स्टेशनों के बीच शाम लगभग 4 बजे हुई, जब यात्री ट्रेन गेवरा (पड़ोसी कोरबा जिले में) से बिलासपुर जा रही थी। मृतकों में यात्री ट्रेन के लोको पायलट विद्या सागर (53) भी शामिल हैं। 20 घायलों में नौ महिलाएं और एक दो साल का बच्चा शामिल है। उन्होंने बताया कि यात्री ट्रेन की सहायक लोको पायलट रश्मि राज (34), उसके प्रबंधक (गार्ड) अशोक कुमार दीक्षित (54) और मालगाड़ी के गार्ड शैलेश चंद्र (49) अस्पताल में भर्ती हैं।
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि लाल सिग्नल पार करने के बाद यात्री ट्रेन ने खड़ी मालगाड़ी को 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पीछे से टक्कर मार दी। अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी का प्रबंधक (गार्ड) ब्रेक वैन – मालगाड़ी के आखिरी डिब्बे से कूद गया और उसे मामूली चोटें आईं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रेलवे अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि मामूली रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
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शुरुआती जांच में सिग्नल तोड़ने की बात आई सामने
रेलवे बोर्ड के अनुसार, दुर्घटना का कारण पैसेंजर ट्रेन द्वारा रेड सिग्नल का उल्लंघन करना प्रतीत होता है। मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। रेलवे प्रशासन राहत कार्य में जुटा है और जांच जारी है। वहीं मामले की गहनता के जांच के बाद कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल टीम गठित कर जांच कराई जा रही है।
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