Kojagari Purnima 2023: दिवाली से पहले आपके घर इस दिन आएंगी माता लक्ष्मी, कर लें ये 4 तैयारी, वरना दरवाजे से लौट जाएंगी वापस!

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हाइलाइट्स

28 अक्टूबर शनिवार को 04 बजकर 17 एएम से आश्विन पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है.
उदयातिथि के आधार पर कोजागर पूर्णिमा 28 अक्टूबर को मनाई जाएगी.
कोजागर पूर्णिमा के दिन आप अपने घर की अच्छे से साफ-सफाई करें.

दिवाली से पूर्व कोजागर पूर्णिमा माता लक्ष्मी की पूजा के लिए एक अच्छा दिन है. कोजागर पूर्णिमा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होती है. इसे शरद पूर्णिमा भी कहते हैं. कोजागर पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और यह पूछती हैं कि कौन जाग रहा है? इस वजह से शरद पूर्णिमा को कोजागर पूर्णिमा कहते हैं. कोजागर पूर्णिमा की रात आप कुछ आसान काम करके माता लक्ष्मी को अपने घर आमंत्रित कर सकते हैं. वे आपके घर में वास करेंगी, जिससे आपके जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव, धन आदि की प्राप्ति होगी. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कोजागर पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय.

कब है कोजागर पूर्णिमा 2023?
पंचांग के अनुसार, 28 अक्टूबर शनिवार को 04 बजकर 17 एएम से आश्विन पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन 29 अक्टूबर रविवार को 01 बजकर 53 एएम पर हो रहा है. उदयातिथि के आधार पर कोजागर पूर्णिमा 28 अक्टूबर को मनाई जाएगी.

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कोजागर पूर्णिमा 2023 चंद्रोदय समय
28 अक्टूबर को कोजागर पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम 05 बजकर 20 मिनट पर होगा.

रवि योग में कोजागर पूर्णिमा 2023
कोजागर पूर्णिमा के दिन रवि योग बन रहा है. उस दिन सुबह 06 बजकर 30 मिनट से रवि योग शुरू हो रहा है और यह सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. उस दिन भद्रा सुबह 06 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ है और दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक है. कोजागर पूर्णिमा के दिन पंचक सुबह 06 बजकर 30 मिनट से सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक है.

कोजागर पूर्णिमा 2023: माता लक्ष्मी के आगमन के लिए करें 4 काम
1. घर की साफ-सफाई
कोजागर पूर्णिमा के दिन आप अपने घर की अच्छे से साफ-सफाई करें. पूजा घर और मुख्य द्वार को विशेषकर साफ करें. कूड़ा-कचरा बाहर निकाल दें. मुख्य द्वार के पास जूता-चप्पल आदि न रखें. कहते हैं कि माता लक्ष्मी का वास स्वच्छ स्थान पर ही होता है. यदि आपका घर गंदा है तो वहां पर अलक्ष्मी का वास होता है, जो कंगाली, दरिद्रता, कलह आदि का प्रतीक हैं.

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2. मुख्य द्वार और पूजा घर की सजावट
कोजागर पूर्णिमा पर आप अपने पूजा घर और मुख्य द्वार की सजावट करें. मुख्य द्वार पर वंदनवार लगाएं और रंगोली बनाएं. रोशनी की उचित व्यवस्था करें. घर में प्रकाश की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, अंधकार नहीं होना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कोजागर पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी जब पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं तो उस घर में जाती हैं, जो साफ-सुथरा और प्रकाश से जगमग होता है.

3. खोलकर रखें मुख्य द्वार
कोजागर पूर्णिमा की रात घर के मुख्य द्वार को खोलकर रखें. यदि आप मुख्य द्वार को बंद करके रखते हैं तो माता लक्ष्मी बंद दरवाजा देखकर बाहर से ही लौट जाएंगी. इस वजह से मुख्य द्वार को खोलकर रखना चाहिए.

4. माता लक्ष्मी के लिए जलाएं सात मुखी दीपक
माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सात मुखी दीपक जलाते हैं. आप कोजागर पूर्णिमा को संध्या के समय में माता लक्ष्मी की पूजा करें और उनके लिए सात मुखी दीपक जलाएं. इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी.

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