
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार गाजा में खाद्य सामग्री वितरण केंद्रों के पास इजरायली सैनिकों की गोलीबारी में लगभग 800 लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में से 615 जीएचएफ केंद्रों के नजदीक मारे गए। इजरायल ने चार महीने बाद गाजा में ईंधन की आपूर्ति की अनुमति दी है जिससे संयुक्त राष्ट्र द्वारा वितरण किया जाएगा।
गाजा में रहने वाला कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। बीते डेढ़ महीने में वहां पर खाद्य सामग्री वितरण केंद्रों के आसपास हुई इजरायली सैनिकों की फायरिंग में करीब आठ सौ (798) लोग मारे गए हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के कार्यालय ने दी है। जबकि अमेरिका और इजरायल के समर्थन वाली संस्था जीएचएफ ने इनमें से कई घटनाओं से इन्कार किया है। यही संस्था फलस्तीनियों के बीच खाद्य वितरण का कार्य कर रही है।

जीएचएफ केंद्रों के करीब 615 ने गंवाई जान
इस बीच चार महीने बाद शुक्रवार को गाजा में ईंधन की आपूर्ति की अनुमति इजरायल ने दी है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने बताया है कि 27 मई से सात जुलाई तक गाजा में खाद्य सामग्री लेने के लिए आए 798 लोग मारे गए। इनमें से 615 जीएचएफ के केंद्रों के बिल्कुल नजदीक मारे गए। फायरिंग की घटनाओं की ये जानकारियां पीड़ित परिवारों, गाजा स्थित संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं और अन्य स्त्रोतों से एकत्रित की गई हैं।
गाजा में फिर से शुरू हुई खाद्य सामग्री की आपूर्ति
गाजा में खाद्य सामग्री समेत हर तरह की वस्तुओं की करीब तीन महीने तक आपूर्ति रोके रखने के बाद इजरायली सेना ने मई की शुरुआत में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने और उसे जीएचएफ के जरिये वितरित करने की अनुमति दी थी। शुक्रवार को 130 दिन बाद इजरायल ने गाजा में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति की अनुमति दी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार फिलहाल 75 हजार लीटर ईंधन की होगी। इसका वितरण संयुक्त राष्ट्र की संस्थाएं करेंगी।

जंग में तबाही के बीच बच्चों की दुर्दशा
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध के बीच अब तक हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। इस युद्ध में सबसे ज्यादा बच्चों का नुकसान हो रहा है। उनके खिलाफ हिंसा उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इनमें विशेष रूप से गिरोह में भर्ती और इस्तेमाल, यौन हिंसा, अपहरण और मानवीय सहायता से इनकार की घटनाएं शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, लड़कियों को भर्ती और इस्तेमाल के साथ उन्हें सेक्सुअल स्लेवरी के मकसद से भी अगवा किया जाता है।
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