
लखनऊ में मतांतरण कराने वाले छांगुर बाबा के जेल जाने के बाद भी घर वापसी करने वाले दहशत में हैं। उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सोनू रानी, गुंजा गुप्ता और विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के गोपाल राय को भी गोलियों से छलनी करने की धमकियां दी जा रही हैं।
मंतातरण कराने वाले छांगुर उर्फ जलालुद्दीन जेल में है। इसके बावजूद उसकी दबंगई के आगे घर वापसी करने वाले खौफ में हैं। उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही है। शिकायत करने पर पुलिस धमकी देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
घर में घुसकर मौत के घाट उतारने की धमकी
छांगुर के गुर्गे ने दुबई से सहारनपुर की सोनू रानी को दो से तीन दिन में घर में घुसकर मौत के घाट उतारने की धमकी दी है। दुबई में मतांतरण कराने के बाद सोनू का निकाह कराया गया था। फोन पर सोनू को धमकी देते हुए कहा गया कि तुम्हें छांगुर की कोठी (अब जमींदोज) में बनी कब्र में ही दफना देंगे। वहीं घर वापसी करने वाली लखनऊ की गुंजा गुप्ता को कचहरी में वकील की भेष में रोककर लोग जान से मारने की धमकी दी जा रही है। गुंजा का कहना है कि वर्ष 2016 में अमित नाम के युवक से पढ़ाई के दौरान संपर्क में आई थीं।

शादी के बाद अमित निकला आबू आमिर अंसारी
वर्ष 2020 में जब शादी हुई तो अमित के बारे में पता चला कि वह आबू आमिर अंसारी है। उसने पहले धर्म बदलवाया और फिर प्रताड़ित करने लगा। वर्ष 2021 में संबंध खत्म हो गए लेकिन आबू ने प्रताड़ना जारी रखी। एफआइआर दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर लगाए लेकिन पुलिस साथ नहीं दे रही है और कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। अब घर वापसी की तो मुस्लिम धर्म फिर से न अपनाने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सिद्धार्थ नगर के हरजीत सिंह भी दहशत में है। उन्हें दो बार अंजान नंबरों से फोन आ चुका है।
जैसे गुलशन कुमार को मारा वैसे ही निपटा देंगे
मतांतरण के खिलाफ आवाज उठाने वाले विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय को धमकी दी जा रही है कि उसी तरह से मौत के घाट उतार देंगे, जैसी टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के साथ किया गया था। गोपाल का आरोप है कि धमकी मिलने की शिकायत करने पर गोमती नगर की पुलिस उनका मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। उनके घर के पते पर धमकी भरे पत्र आ रहे हैं।
उनके मुताबिक आजमगढ़ के बम्हौर में बनी पिस्टल से मौत के घाट उतारने की धमकी मिली है। पत्र में उल्लेख है कि बम्हौर की पिस्टल से ही गुलशन कुमार को मारा गया था। राय का कहना है कि वह घर में चार दिन से कैद हैं। पुलिस विवेचना के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।
स्थानीय पुलिस भी छांगुर से थी प्रभावित
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय कहते हैं कि 23 जून को अंबेडकर नगर के मुबारकपुर में छांगुर की करतूतों की जानकारी मिली थी। 24 जून को दर्जनों लोगों के साथ पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर भौचक्के रह गए थे। पुलिस भी छांगुर के प्रभाव से प्रभावित थी। उनका कहना है कि जिनकी घर वापसी कराई गई थी, वे सारे मंतातरण छांगुर ने ही कराए थे।
पुलिस नहीं कर रही मामले में कार्रवाई
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री स्वयं मामले को संज्ञान न लेते तो आज छांगुर न पकड़ा जाता। उनके मुताबिक उन्हें 14 साल से दो गनर मिले थे, लेकिन जब जरूरत है और सनातन धर्म की रक्षा के लिए आगे आना चाहते हैं तो सुरक्षा वापस ले ली गई। वहीं नौ माह पहले एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने लखनऊ में छांगुर की करतूतों को लेकर मुकदमा लिखाया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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