सोनम वांगचुक की हिरासत पर सुप्रीमकोर्ट की सुनवाई स्थगित, आज फिर होगी बहस

Sonam Wangchuk's case: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए इसके लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय की है। याचिका में क्लाइमेट एक्टिविस्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत को चुनौती दी गई है और उनकी तत्काल रिहाई का अनुरोध किया गया है।

सोनम वांगचुक मामले में उनकी पत्नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई। सांशल मीडिया

Sonam Wangchuk’s case: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए इसके लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय की है। याचिका में क्लाइमेट एक्टिविस्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत को चुनौती दी गई है और उनकी तत्काल रिहाई का अनुरोध किया गया है।

Sonam Wangchuk’s case: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के खिलाफ एनएसए के इस्तेमाल का बचाव करते हुए, लद्दाख प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उचित प्रक्रिया का ‘ईमानदारी और सख्ती से’ पालन किया गया। लेह के जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से दायर हलफनामे में कहा गया है कि हिरासत का आदेश “व्यक्तिगत संतुष्टि” के बाद पारित किया गया था कि वांगचुक की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक थीं।

वांगचुक की पत्नी की याचिका के जवाब में हलफनामा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने यह टिप्पणी जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच के समक्ष दायर हलफनामे में की, जो उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका के जवाब में था। सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी गई थी।

प्रशासन ने वांगचुक पर लगाए कई आरोप

अधिकारी ने कहा कि कानून के तहत अनिवार्य रूप से मेरे सामने रखी गई सामग्री पर विधिवत विचार करने के बाद और अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमाओं के भीतर प्रचलित परिस्थितियों पर व्यक्तिपरक संतुष्टि के बाद मेरे द्वारा हिरासत का आदेश पारित किया गया था। वांगचुक राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने और समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहे थे, जैसा कि हिरासत के आधारों में उल्लेख किया गया है। मैं बंदी की हिरासत से संतुष्ट था और अब भी संतुष्ट हूं।

यह भी पढ़ें:

15 अक्टूबर को दोबारा होगी बहस

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने समय की कमी के कारण मामले में सुनवाई के लिए बुधवार का समय दिया। शीर्ष अदालत ने छह अक्टूबर को केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को नोटिस जारी किए थे। अदालत ने हिरासत का कारण बताने के अनुरोध वाली उनकी याचिका पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया था।

26 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी

वांगचुक को 26 सितंबर को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। इससे दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसमें केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

सत्यवार्ता से अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए वॉट्सएप चैनल को ज्वाइन करें https://whatsapp.com/channel/0029VaB40FS2ZjCiiziPWL02