
आमिर खान की हालिया रिलीज़ हुई फिल्म “सितारे ज़मीन पर” को क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यह फिल्म 2018 की स्पेनिश फिल्म ‘चैंपियंस’ का रीमेक है। फिल्म में आमिर खान ने एक बॉस्केटबॉल कोच की भूमिका निभाई है।
स्पोर्ट्स कॉमेडी-ड्रामा है फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी एक स्पोर्ट्स कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें आमिर खान एक न्यूरोडाइवर्जेंट (मानसिक रूप से भिन्न) वयस्कों की बास्केटबॉल टीम के कोच की भूमिका निभाते हैं। यह फिल्म केवल स्पोर्ट्स और कॉमेडी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संवेदनशीलता, आत्म-खोज, और मानवीय भावनाओं के कई पहलुओं को छुआ गया है। फिल्म का मुख्य संदेश यह है कि असली ‘असामान्य’ शायद हमारे सोचने के तरीके में ही है। फिल्म में स्पोर्ट्समैन स्पिरिट, डर से लड़ना, बुज़ुर्गों का अकेलापन और बच्चों का माता-पिता से अलग होना जैसे कई मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया गया है।
आमिर खान का प्रदर्शन लाजवाब और दमदार

समीक्षकों ने आमिर खान के प्रदर्शन को लाजवाब और दमदार बताया है। उन्हें “सिनेमा का असली खिलाड़ी” कहा जा रहा है और उनका इमोशनल मोनोलॉग खास तौर पर प्रभावशाली बताया गया है। कई लोगों को उनके किरदार में ‘रंग दे बसंती’ और ‘3 इडियट्स’ के आमिर की झलक भी दिखी है।
सहायक कलाकारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया
जेनेलिया देशमुख ने भी अपनी भूमिका में बेहतरीन काम किया है। डॉली अहलूवालिया और बृजेंद्र काला जैसे सहायक कलाकारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें असली बौद्धिक अक्षमताओं वाले लोगों को पर्दे पर मौका दिया गया है, और उनके सहज प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीता है।
कॉमेडी और इमोशन का सही संतुलन
फिल्म में कॉमेडी और इमोशन का बेहतरीन संतुलन है। जहां एक ओर हंसी-मजाक के पल हैं, वहीं दूसरी ओर गहरे भावनात्मक दृश्य भी हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं।
मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण संदेश
यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक खूबसूरत और महत्वपूर्ण संदेश देती है। फिल्म इस बात का ध्यान रखती है कि संदेश बहुत ज्यादा उपदेशात्मक न लगे। न्यूरोडाइवर्जेंट वयस्कों के रूप में चुने गए अभिनेताओं ने अपनी मासूमियत और सहजता से कहानी में जान डाल दी है।
दर्शकों को बांधे रखने में रही कामयाब
आरएस प्रसन्ना ने कहानी को शानदार तरीके से निर्देशित किया है। फिल्म का पहला हाफ थोड़ा धीमा है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म गति पकड़ती है और दर्शकों को बांधे रखती है। राम संपत का बैकग्राउंड स्कोर और शंकर-एहसान-लॉय का ‘गुड फॉर नथिंग’ गाना भी फिल्म के मूड के साथ मेल खाता है।
सचिन तेंदुलकर ने भी की सराहना
कुछ समीक्षकों ने फिल्म के पहले हाफ को थोड़ा धीमा बताया है और कुछ हिस्सों में एडिटिंग की गुंजाइश बताई है। आमिर खान के अपने पिता से नाराज़ होने की वजह थोड़ी पुरानी लग सकती है, और डॉली अहलूवालिया और बृजेंद्र काला का ट्रैक कुछ हद तक अटपटा लग सकता है, हालांकि यह मनोरंजक है। कुल मिलाकर “सितारे ज़मीन पर” को दिल को छू लेने वाली और प्रेरणादायक फिल्म बताया जा रहा है। यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको हंसाएगी, रुलाएगी और साथ ही एक नया दृष्टिकोण भी देगी। सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों ने भी फिल्म की सराहना की है। यह आमिर खान के लिए एक सकारात्मक वापसी मानी जा रही है।











