
नवी मुंबई बंदरगाह पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत पाकिस्तान से चोरी-छुपे मंगवाए गए 39 कंटेनरों को जब्त किया है। इन कंटेनरों में करीब 1,115 मीट्रिक टन माल था, जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में एक आयातक फर्म के पार्टनर को गिरफ्तार किया गया है।
आपरेशन डीप मैनिफेस्ट अभियान के तहत कार्रवाई
नवी मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर डीआरआइ ने 39 कंटेनरों में 1,115 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सामान जब्त किया है। इसकी कीमत लगभग नौ करोड़ रुपये है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि आपरेशन डीप मैनिफेस्ट अभियान के तहत कार्रवाई की गई। इसके तहत तीसरे देशों के माध्यम से मुख्यत: दुबई, यूएई के जरिए भेजे गए पाकिस्तानी सामान के अवैध आयात पर लगाम लगाया जा रहा है।
पाक से सामान मंगाने पर बैन, फिर भी खेल
पहलगाम में आतंकी हमलों के बाद भारत सरकार ने 2 मई 2025 से पाकिस्तान से किसी भी तरह का सीधा या अपरोक्ष आयात करने या ट्रांजिट व्यापार को पूरी तरह से बैन कर रखा है। इससे पहले, पाकिस्तान से आने वाले माल पर 200% कस्टम ड्यूटी लगाई जाती थी। बैन के बावजूद कुछ व्यापारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए झूठे दस्तावेजों और गलत ओरिजिन दिखाकर माल मंगवाने की कोशिश करने से बाज नहीं आ रहे। इसी तरह के मामले में डीआरआई ने मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर ये कंटेनर पकड़े हैं। दो अलग अलग मामलों में ये कार्रवाई की गई है।
पाकिस्तानी माल को यूएई का बताया
इन कंटेनरों के कागज़ों में दिखाया गया था कि माल दुबई (यूएई) से आया है, लेकिन जांच में सामने आया कि ये माल असल में पाकिस्तान के कराची पोर्ट से चला था और दुबई के जेबल अली पोर्ट के ज़रिए ट्रांसशिप होकर भारत पहुंचा है। जांच से पता चला कि माल से लदे कंटेनर को लेकर जहाज़ से पाकिस्तान से दुबई गया, फिर दूसरे कंटेनर और जहाज़ के जरिए भारत भेजा गया। सभी दस्तावेज़ों में झूठ बोलकर इसे यूएई ओरिजिन बताया गया।
पाकिस्तान से वित्तीय लिंक भी सामने आए
पाकिस्तान और यूएई के नागरिकों के जरिए जाल बिछाया गया था ताकि माल का असली स्रोत छुपाया जा सके. डीआरआई की जांच में पाकिस्तानी संस्थाओं से जुड़े पैसे के लेन-देन और वित्तीय लिंक भी सामने आए हैं। अवैध फंडिंग और सुरक्षा के लिहाज से यह गंभीर चिंता का विषय है। डीआरआई ने इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तानी लिंक वाले माल पर पैनी नजर रखी थी। अब ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट के जरिए भारत सरकार की नीति और सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।











