
Dual PAN Card Case: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी नेता के वरिष्ठ नेता आजम खान को एक बार फिर जेल भेजा गया है। दो पैन कार्ड के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को सात साल की सजा सुनाई है।
Dual PAN Card Case: जेल के अंदर दाखिल होने से पहले आजम खान के हाथ में बिस्कुट के दो पैकेट थे। जेल के अंदर दोनों को साधारण कैदी की तरह रखा गया। दोनों एक साथ बैरक नंबर एक में रखे गए हैं। रात्रि भोजन में उन्हें मसूर की दाल और आलू पालक की सब्जी के साथ रोटी दी गई। दोनों ने बेमन से जेल का खाना खाया। जेल में सजा सुनाए जाने से पहले आजम खान के अधिवक्ता ने उनकी उम्र और बीमारी का हवाला देते हुए सजा कम करने का आग्रह किया था।
अधिवक्ता ने न्यायालय में दिया प्रार्थना पत्र
आजम खान के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र में न्यायालय से कहा है कि आजम खान की उम्र 77 साल है। वह हृदय रोग से पीड़ित हैं। उनकी आंख में दिक्कत है। ऐसे में उनकी देखभाल के लिए अब्दुल्ला को साथ रहने दिया जाए। दोनों को एक ही जेल में साथ में रखा जाए। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि आपत्ति पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में अब मंगलवार को सुनवाई होगी।
50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
कोर्ट ने इस मामले में अब्दुल्ला आजम व उनके पिता आजम खां को दोषी मानते हुए दोनों को सात-सात साल की सजा व 50-50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। फैसले के बाद सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम को हिरासत में ले लिया गया। करीब तीन घंटे की हिरासत के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामपुर जेल भेज दिया गया।
2017 के चुनाव में जन्म प्रमाण पत्र के साथ लगाया था पैन कार्ड
दरअसल यह मामला 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से ही जुड़ा हुआ है। इस चुनाव में सपा की ओर से स्वार सीट पर सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां को चुनाव मैदान में उतारा था। आरोप है कि नामांकन के दौरान अब्दु्ल्ला ने जो प्रमाण पत्र लगाए थे उसमे जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही पैन कार्ड भी लगाया था। दोनों ही प्रमाण पत्रों मं अब्दुल्ला ने ज्यादा उम्र का प्रमाण पत्र लगाया था।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
इस फैसले पर सपा चीफ व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर लिखा, “सत्ता के गुरूर में जो नाइंसाफी और जुल्म की हदें पार कर देते हैं, वो खुद एक दिन कुदरत के फैसले की गिरफ्त में आकर एक बेहद बुरे अंत की ओर जाते हैं. सब, सब देख रहे हैं.
बीजेपी विधायक ने फैसले को बताया सत्य की जीत
वहीं, इस प्रकरण में प्रतिवादी रहे भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश कुमार सक्सेना ने कहा है कि दो अलग-अलग पैन कार्ड का मामला 2019 का है. छह साल बाद अदालत का फैसला आया है. अदालत ने अब्दुल्ला आजम खान और आजम खान को सात साल की सजा सुनाई है. मैं इसे सत्य की जीत मानता हूं.
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