B. Sudarshan Reddy: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दल आईएनडीआईए गठबंधन ने अपने उम्मीदवार का एलान कर दिया है। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। वह सत्ता पक्ष के उम्मीदवार और भाजपा नेता सीपी राधाकृष्णन को सीधी चुनौती देंगे।
B. Sudarshan Reddy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को इस फैसले की जानकारी दी। विपक्षी दलों ने एक संयुक्त उम्मीदवार का समर्थन करने का निर्णय लिया है ताकि उपराष्ट्रपति चुनाव में मजबूत प्रतिस्पर्धा हो सके। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं। यही कारण है कि हमने बी सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन करेंगे।

एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन हैं उम्मीदवार
वहीं, एनडीए की तरफ से महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वो तमिलनाडु से आते हैं और आरएसएस से पुराना नाता रहा है। वह जनतंत्र के साथ 1974 में जुड़े थे। राधाकृष्णन दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। बीजेपी ने राष्ट्रीय राजनीति और संगठन में लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है।
आइए जाने हैं कौन हैं बी सुदर्शन रेड्डी?
जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी ज़िले के आकुला मायलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ। उन्होंने साल 1971 में उस्मानिया यूनिवर्सिटी से क़ानून की पढ़ाई पूरी की और हैदराबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप रेड्डी के मार्गदर्शन में सिविल और संवैधानिक मामलों की प्रैक्टिस शुरू की। 8 अगस्त 1988 को वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर नियुक्त हुए और बाद में केंद्र सरकार के लिए एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल की ज़िम्मेदारी निभाई।
1991 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में बने जज
जस्टिस रेड्डी ने 1991 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज के तौर पर न्यायिक करियर की शुरुआत की। बाद में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने और कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे।
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद उन्हें गोवा का पहला लोकायुक्त नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने ईमानदार और सख्त छवि वाले अधिकारी के रूप में काम किया। भ्रष्टाचार के मामलों में उन्होंने बिना दबाव के जांच की और पारदर्शिता की पैरवी की।
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इंडिया गठबंधन को क्यों आए पसंद?
इंडिया गठबंधन ने सुदर्शन रेड्डी को उतारकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह संविधान, न्यायपालिका और पारदर्शिता के पक्षधर चेहरे को आगे रख रहा है। विपक्ष का मानना है कि रेड्डी की साफ-सुथरी छवि और न्यायिक अनुभव उन्हें उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब रेड्डी का मुकाबला बीजेपी नेता और तमिलनाडु के वरिष्ठ राजनेता सीपी राधाकृष्णन से होगा।
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