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Diwali 2023: धनतेरस-दिवाली पर क्यों करते हैं कुबेर की पूजा? जानें चमत्कारी मंत्र, जाप करने पर धन से भर जाएगी तिजोरी!

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हाइलाइट्स

कुबेर को देवताओं के धन का कोषाध्यक्ष कहा जाता है और वे धनपति भी हैं.
माता लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं, लेकिन वह चंचला हैं.
धन प्राप्ति मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

दिवाली का त्योहार जल्द ही आने वाला है. धनतेरस से दिवाली की शुरूआत हो जाएगी. इसमें माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने का विधान है. माता लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं, उनकी कृपा से रंक भी राजा बन जाता है. लेकिन धनतेरस और दिवाली पर कुबेर की भी पूजा करते हैं. लक्ष्मी-गणेश के साथ कुबेर या कुबेर यंत्र की पूजा विधिपूर्वक लोग करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि धनतेरस और दिवाली पर कुबेर की पूजा क्यों की जाती है? धन प्राप्ति के लिए कुबेर मंत्र क्या है?

धनतेरस-दिवाली पर इसलिए करते हैं कुबेर पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुबेर को देवताओं के धन का कोषाध्यक्ष कहा जाता है और वे धनपति भी हैं. उनके पास धन का अक्षय भंडार है, जो कभी खत्म नहीं होता है. वे धन के संरक्षक भी हैं. उनकी पूजा करने से धन स्थाई होता है, उसमें कोई कमी नहीं होती है. जब​कि माता लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं, लेकिन वह चंचला हैं. वे अधिक समय तक एक जगह स्थिर नहीं होती हैं.

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इस वजह से लोग धनतेरस और दिवाली पर कुबेर की पूजा करते हैं, ताकि उन्होंने जो धन-संपत्ति अर्जित की है, वह कम न हो. उसमें बढ़ोत्तरी हो और वह सुरक्षित रहे. कुबेर की कृपा से धन सुरक्षित रहेगा.

भगवान शिव ने कुबेर को दिया था विशेष वरदान
पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय की बात है, जब गुणनिधि नामक बालक भगवान शिव का भक्त था. वह पिता की तलाश में घर से निकला. व​ह पिता को खोजते-खोजते थक गया. उसे भूख लगी थी, उस दिन शिवरात्रि थी. वह एक मंदिर में गया, जहां प्रसाद देखकर उसकी भूख बढ़ गई. रात में उसने प्रसाद चोरी करके खा लिया. पुजारी ने क्रोध में आकर उस पर बाण से प्रहार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई.

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जब यमदूत उसके प्राण लेने आए तो शिव गण वहां आ गए और वे गुणनिधि के प्राण लेकर शिवजी के पास पहुंच गए. उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उसे अगले जन्म में धनपति होने का वरदान दिया. वही गुण​निधि अगले जन्म में धनपति कुबेर के नाम से प्रसिद्ध हुए.

अष्टलक्ष्मी कुबेर मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

धनतेरस और दिवाली की रात आप पूजा के बाद कुबेर के इस मंत्र का जाप करें. उनकी कृपा से आपके पद, प्रतिष्ठा, धन, वैभव आदि में बढ़ोत्तरी होगी.

Tags: Dhanteras, Dharma Aastha, Diwali

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