उत्तराखंड में फटा बादल, आई तबाही, 4 की मौत, कई घर और होटल हुए तबाह

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक बार फिर बादल फटने से हुआ बड़ा हादसा। धराली में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गई। बाढ़ के कारण पहाड़ों से पानी के साथ काफी मात्रा में मलबा भी बहकर आया जिससे, इलाके में तबाही मच गई। चार लोगों की मौत की हुई पुष्टी। कई घर और होटल भी हो गए तबाह। काफी संपत्तियों का भी नुकसान हुआ है। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जाहिर किया है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक बार फिर बादल फटने से हुआ बड़ा हादसा। धराली में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गई। बाढ़ के कारण पहाड़ों से पानी के साथ काफी मात्रा में मलबा भी बहकर आया जिससे, इलाके में तबाही मच गई। चार लोगों की मौत की हुई पुष्टी। कई घर और होटल भी हो गए तबाह। काफी संपत्तियों का भी नुकसान हुआ है। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जाहिर किया है।

मानसून के मौसम में एक बार फिर उत्तराखंड जल सैलाब का शिकार हो गया। धराली में बादल फटने से खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गई। धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी राजेश पंवार ने बताया कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र के ऊपर बादल फटा जिसकी वजह से नदी में विनाशकारी बाढ़ आ गयी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नदी में ऊपर से भारी मात्रा में तेजी से पानी और मलबा आया और देखते ही देखते मकान और होटल उसकी चपेट में आ गए।

चार लोग की मौत की पुष्टी

हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने चार लोगों के मौत की पुष्टि कर दी है उन्होंने कहा कि कितना नुकसान हुआ है उसका अभी तक सही आंकलन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि काफी संपत्तियों का भी नुकसान हुआ है। वहीं बादल फटने के बाद इलाके में दर्जनों लोग लापता हैं।

पीएम मोदी ने जताया दुख

उत्तराखंड हादसे पर पीएम मोदी ने गहरा दुख जाहिर किया है। पीएम मोदी ने घटना के बाद सोशल मीडिया एक्स पर अपने पोस्ट में दुख जाहिर करते हुए लिखा ‘उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हर संभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

मिलेगी पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता: सीएम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली में हुए भारी नुकसान पर दुख जताया और प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के साथ-साथ जिला प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। धामी ने कहा कि वो लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा किप्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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अमित शाह ने की धामी से बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर ट्वीट कर घटना के लिए दुख जाहिर किया है। उन्होंने लिखा ‘उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली. ITBP की निकटतम 3 टीमों को वहां भेज दिया गया है, साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं जो शीघ्र पहुंच कर बचाव कार्य में लगेंगी।’

पहले भी हुए हैं हादसे

  • इसी साल 9 जुलाई को उत्तराखंड के चमोली लिले में बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई थी। बादल फटने से एक नाला नदी में तब्दील हो गया था और पूरे गांव को बर्बात कर दिया था।
  • 31 जुलाई 2024 को टिहरी के जखन्याली में फाटा था बादल। जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की हो गई थी मौत।
  • मानसून के मौसम में बादल फटने की घटनाएं वहां होती रहती हैं। इसके पहले पिथौरागढ़ में कई जगह भी बादल फटने से तबाही मच चुकी है।
  • 16-17 जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा को तो भूला ही नहीं जा सकता। इस हादसे में 5000 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
  • सितम्बर 2012 में उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना में 45 लोगों की मौत हो गई थी इतना ही नहीं करीब 40 लोग लापता हो गए थे। उनमें से सिर्फ 22 लोगों के ही शब मिल पाए थे।
  • कुमाऊं की काली घाटी में अगस्त 1998 में बादल फटा था। जिसमें तकरीबन 250 लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान कैलाश मानसरोवर आयत्रा करने वाले लगभग 60 लोगों की भी मौत हो गई थी।

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