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हाइलाइट्स
मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी तिथि 30 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से प्रारंभ होगी.
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की पूजा सुबह में की जाएगी. उस समय शुभ योग बना रहेगा.
मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कहलाती है. इस दिन व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा करते हैं. इस बार गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के दिन 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. संकष्टी चतुर्थी की रात चंद्रमा की पूजा करने का विधान है. इसके बिना व्रत पूर्ण नहीं होता है. व्रती चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पारण करके व्रत को पूरा करता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कब है? गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की पूजा का मुहूर्त, शुभ योग और चंद्रोदय समय क्या है?
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023 तिथि मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 30 नवंबर दिन गुरुवार को दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से प्रारंभ होगी. इस तिथि का समापन अगले दिन 1 दिसंबर शुक्रवार को दोपहर 03 बजकर 31 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत 30 नवंबर को रखा जाएगा क्योंकि चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय 30 नवंबर को ही प्राप्त हो रहा है.
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3 शुभ योग में है गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023
इस साल गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. उस दिन दोपहर 03 बजकर 01 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो अगले दिन सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. शुभ योग प्रात:काल से लेकर रात 08 बजकर 15 मिनट तक है, वहीं शुक्ल योग रात 08:15 बजे से लेकर अगले दिन रात 08:04 बजे तक है.
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023 पूजा मुहूर्त
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की पूजा सुबह में की जाएगी. उस समय शुभ योग बना रहेगा. उस दिन का चौघड़िया शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 06:55 बजे से सुबह 08:14 बजे तक है. लाभ-उन्नति मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 01:28 बजे तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 01:28 बजे से दोपहर 02:47 बजे तक है.
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गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023 चंद्रोदय समय
30 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की रात चंद्रोदय शाम 07 बजकर 54 मिनट पर होगा. इस समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा किया जााएगा. उसके बाद पारण होगा.
संकष्टी चतुर्थी का महत्व
संकष्टी चतुर्थी के नाम से ही जान सकते हैं कि वह चतुर्थी व्रत, जिसको करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023 अशुभ समय
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी को भद्रा लग रही है. भद्रा का प्रारंभ सुबह 06 बजकर 55 मिनट से होगा और समापन दोपहर 02 बजकर 24 मिनट पर होगा. इस भद्रा का वास स्वर्ग में है. राहुकाल दोपहर 01:28 बजे से दोपहर 02:47 बजे तक है.
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Tags: Dharma Aastha, Lord ganapati
FIRST PUBLISHED : November 23, 2023, 15:13 IST
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