छह साल पहले सात वर्षीय छात्र का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में केरल की एक अदालत ने डांस टीचर को कुल 52 साल कारावास की सजा सुनाई है। तिरुअनंतपुरम फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) की जज अंजू मीरा बिड़ला ने 46 वर्षीय सुनील कुमार को पोक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत दंडित किया। अदालत ने दोषी पर 3.25 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
केरल की एक अदालत ने शनिवार को एक डांस टीचर को छह साल पहले सात वर्षीय छात्र का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में कुल 52 साल जेल की सजा सुनाई है। तिरुअनंतपुरम फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) की जज अंजू मीरा बिड़ला ने 46 वर्षीय सुनील कुमार को पोक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत यह सजा सुनाई। सजाएं साथ चलनी हैं, इसलिए सुनील को 20 साल की कैद होगी।
जुर्माना से वसूली रकम पीडि़त को मिलेगी
अदालत ने दोषी पर 3.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि यदि उससे यह राशि वसूल हो जाती है, तो उसे पीड़ित को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
घटना का ऐसे हुआ खुलासा
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 2017-19 की अवधि के दौरान वह बच्चा आरोपित से डांस सीखने गया था। उसने पीड़ित के साथ कई बार अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। अभियोजन पक्ष ने कहा कि अंत में बच्चे ने डांस सीखने से इनकार कर दिया। बच्चे ने अपने साथ हुई इस घटना का खुलासा तब किया जब उसके माता-पिता ने उसके छोटे भाई को आरोपित के पास डांस सीखने के लिए भेजने का फैसला किया।
कई बार बनाए थे अप्राकृतिक यौन संबंध
विशेष लोक अभियोजक आर एस विजय मोहन के अनुसार, आरोपी ने एक कमरे में (जहां वह नृत्य सिखाता था) नाबालिग लड़के के साथ कई बार अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 2017-19 की अवधि के दौरान, बच्चा आरोपी से नृत्य सीखने गया था तब आरोपी ने उसके साथ कई बार अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। अंत में बच्चे ने नृत्य सीखने जाने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोपी की धमकियों के कारण उसने किसी को भी घटना के बारे में नहीं बताया।
