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China Pakistan War Exercises: भारतीय नौसेना पाकिस्तान में आयोजित युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जा रही चीनी पनडुब्बियों और युद्धपोतों पर करीब से नजर रखे हुए है. अधिकारी ने बताया कि चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों के मलक्का जलडमरुमध्य के रास्ते हिंद महासागर में दाखिल होने के साथ ही नौसेना ने उन पर नजर रखनी शुरू कर दी थी.
समुद्री सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान के साथ होने वाले युद्धाभ्यास के लिए चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अग्रिम मोर्चे के युद्धपोतों और पनडुब्बियों सहित कई पोतों को तैनात किया है.
युद्धाभ्यास के लिए चीन के हथियार
सूत्रों ने बताया कि भारत की व्यापक समुद्री निगरानी के तहत नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप हिंद महासागर क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखती है. इस युद्धाभ्यास के लिए चीनी सेना गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जिबो, गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट जिंगझोउ और लिनी, दो जहाज वाले हेलीकॉप्टर और दर्जनों मरीन अपने साथ ले जा रही है.
युद्धाभ्यास के लिए पाकिस्तान के हथियार
वहीं, इस युद्धभ्यास में पाकिस्तान की ओर से पीएनएस सहित नौ जहाज, तीन शिपबोर्न हेलीकॉप्टर, चार लड़ाकू जेट, एक फिक्स्ड-विंग एंटी-पनडुब्बी गश्ती विमान और दर्जनों मरीन शामिल किए जाएंगे. हिंद महासागर क्षेत्र को बड़े पैमाने पर भारतीय नौसेना का बैकयार्ड माना जाता है. पिछले कुछ वर्षों से चीन ने इन क्षेत्रों में अपने अपने नौसेनाओं की तैनाती बढ़ा दी है.
सबसे बड़ा नौसेना युद्धाभ्यास
बताया जा रहा है कि यह चीन और पाकिस्तान के बीच का यह सबसे बड़ा नौसेना युद्धाभ्यास है. वैसे हिंद महासागर में चीन लगातार अपने युद्धाभ्यास करता रहा है. इससे पहले चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का एचाईआई यांग 24 हाओ युद्धपोत श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचा था. इस पर भारत ने चिंता जताई थी.
वहीं, कोलंबो में चीन के युद्धपोत पहुंचने को लेकर श्रीलंका ने कहा था कि वह भारत की चिंताओं को ध्यान में रखेगा.
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