भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को हत्या के आरोप में यमन में दी जाएगी फांसी, नौ साल पहले हुई थीं गिरफ्तार

यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया का मामला इस वक्त काफी चर्चा में है। निमिषा प्रिया को यमन में मौत की सजा सुनाई गई है। उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। केरल की रहने वाली 37 वर्षीय निमिषा को यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी पाया गया था। निमिषा 2008 में यमन गई थीं और 2014 में तलाल के संपर्क में आईं जिसके बाद विवाद और हत्या हुई।

निमिषा प्रिया फाइल फोटो।

यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया का मामला इस वक्त काफी चर्चा में है। निमिषा प्रिया को यमन में मौत की सजा सुनाई गई है। उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। केरल की रहने वाली 37 वर्षीय निमिषा को यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी पाया गया था। निमिषा 2008 में यमन गई थीं और 2014 में तलाल के संपर्क में आईं जिसके बाद विवाद और हत्या हुई।

केरल की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मौत की सजा सुनाई गई थी। यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने निमिषा को दी गई मौत की सजा पर अपनी मुहर लगा दी थी। खबर है कि निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। वहीं हत्या में उनका साथ देने वाली हनान को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। बता दें निमिषा आठ साल के एक बच्चे की मां भी हैं।

क्या है पूरा मामला?

निमिषा साल 2008 में अपने माता-पिता की मदद के लिए यमन गई थीं। उन्होंने कई अस्पतालों में काम करने के लिए बाद अंत में अपना क्लिनिक खोला। बता दें कि यमन के नियमों के अनुसार, वहां पर व्यापार शुरू करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ साझेदारी करना अनिवार्य है। इसी कारण निमिषा साल 2014 में तलाल अब्दो महदी के संपर्क में आईं। जानकारी के मुताबिक, महदी ने उसकी क्लीनिक को खोलने में मदद करने का वादा किया था। यह भी दावा किया जाता है कि महदी ने अपना वादा नहीं निभाया, बावजूद इसके निमिषा ने यमन में अपना क्लीनिक खोल लिया। जानकारी के मुताबिक, इसके बाद महदी निमिषा को परेशान करने लगा और उसे अपनी दूसरी पत्नी बताने लगा। वह बार-बार निमिषा से पैसे मांगता। इस बात को लेकर निमिषा ने पुलिस में शिकायत भी की, जिसके बाद कुछ दिनों तक महदी को जेल में रहना पड़ा। हालांकि जब महदी जेल से वापस आया तो उसने निमिषा का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया।

निमिषा ने लगाया था बेहोशी का इंजेक्शन

पासपोर्ट को महदी से वापस पाने के लिए निमिषा ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। लेकिन बेहोशी के इंजेक्शन का डोज ओवरडोज में बदल गया, और महदी की मौत हो गई। इसके बाद निमिषा ने अपनी कलीग हनान के साथ मिलकर महदी के शरीर के टुकड़े कर डाले और उसकी शरीर को पानी के टैंक में फेंक दिया। बता दें कि हनान यमनी नागरिक है। इस मामले में साल 2018 में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि हनान को आजीवन कैद हुई थी। निमिषा का एक 8 साल का बेटा भी है। निमिषा साल 2018 से ही यमन के सना में काम कर रही है।