
ईरान ने कतर के दोहा में मौजूद अमेरिकी हवाई बेस अल उबेद पर सोमवार रात मिसाइल हमले किए। इजरायली अधिकारियों ने दावा किया कि ईरान ने 6 मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ईरान के पलटवार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिचुएशन रूम में हाईलेवल मीटिंग बुलाई।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने रविवार को ईरान में तीन न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिका द्वारा हमला किए जाने के बाद तनाव बढ़ने के बीच इजरायल को सजा देने की कसम खाई है। ईरानी नेता के आधिकारिक हैंडल से एक्स पर बात करते हुए तेल अवीव के खिलाफ़ हमले तेज करने की कसम खाई, लेकिन अमेरिकी हमलों का कोई जिक्र नहीं किया।

इजरायल-ईरान के बीच में संघर्ष का 11वां दिन
इजरायल-ईरान के बीच 13 जून को शुरू हुए संघर्ष का आज 11वां दिन है। अभी तक टकराव में दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। रविवार को इसमें नया मोड़ उस वक्त आया जब अमेरिका खुले तौर पर इसमें कूद गया। अमेरिका ने ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है। इनमें फोर्डो, नतांज और एस्फाहान शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में तख्तापलट की पैरवी की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, ‘शासन परिवर्तन शब्द का प्रयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन यदि वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होगा?
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने दी थी चेतावनी
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी मीटिंग में कहा कि ईरान जवाब देगा। उन्होंने कहा, ‘ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले करके कूटनीति को नष्ट करने का निर्णय लिया।’ राजदूत ने कहा कि ईरानी सेना ईरान की प्रतिक्रिया का समय, प्रकृति और पैमाने तय करेगी।
कार्रवाई के बाद यूएस की सेना अलर्ट मोड पर
अमेरिकी की कार्रवाई के बाद यूएस की सेना अलर्ट मोड पर है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका ने युद्ध को अपराध किया है, जिसकी कीमत उसे भुगतनी होगी। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो अमेरिकी सेना इस करारा जवाब देगी। रविवार को अयातुल्ला अली खामेनेई शासन के अधिकारियों ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी नागरिक ईरान के निशाने पर हैं। वहीं खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका में मौजूद उसके स्लिपर सेल एक्टिव हो सकते हैं।
अमेरिका ने फोर्डो परमाणु संयंत्र को किया तबाह
ईरान की सबसे सुरक्षित माने जाने वाले परमाणु संयंत्र फोर्डो को निशाना बनाया है। उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों से पता चलता है कि अमेरिका ने ईरान के भूमिगत परमाणु संवर्धन केंद्र फोर्डो की दो संरचनाओं पर सटीक निशाना साधा, जिनके बारे में विशेषज्ञों ने कहा है कि वे वेंटिलेशन साफ्ट हो सकते हैं। ये संरचनाएं संयंत्र चालू होने के शुरुआती दिनों में दिखाई देती थीं। 2009 तक उपग्रह चित्रों में इन्हें देखा जा सकता था। लेकिन, 2011 तक दोनों संरचनाएं दिखाई देना बंद हो गईं।










