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Israel Paletine Conflict Israel Hamas War

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Israel Palestine Conflict: हमास और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बीच हजारों की संख्या लोगों को दक्षिणी गाजा की ओर जाते हुए देखा गया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित जमीनी हमले से पहले इजरायली सेना ने फलस्तीनियों को उत्तरी इलाके को छोड़ने की चेतावनी दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने 1.1 मिलियन (11 लाख) लोगों को जगह छोड़ने की चेतावनी दी है.

हमास ने इजरायली चेतावनी को फेक प्रोपेगेंडा करार दिया है और लोगों से कहा है कि वे कहीं न जाएं. जंग और आक्रामक होती नजर आ रही है क्योंकि इजरायल ने गाजा के पास करीब तीन लाख जवानों की तैनाती की है. इजरायल के टैंक भी गाजा के पास तैनात हो रहे हैं.

शुक्रवार (13 अक्टूबर) को एक बयान में इजरायली सेना ने कहा, ”पहली बार थल सेना की टुकड़ी गाजा पट्टी के भीतर काम कर रही है.” सेना ने कहा कि इजरायली सैनिक आतंकवादियों से लड़ने, हथियारों को नष्ट करने और हमास की ओर से बंधक बनाकर रखे गए लापता लोगों के बारे में सबूत खोजने के लिए गाजा में दाखिल हुए.

…निकासी अस्पताल के कुछ मरीजों के लिए ‘मौत की सजा’ के समान होगी- WHO

संयुक्त राष्ट्र का कहा है कि इजरायल ने लोगों को वहां से जाने के लिए 24 घंटे का समय दिया है, जो कि ऐसे स्थानांतरण (Relocation) के लिए असंभव है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि गाजा के उत्तर में अस्पताल में खराब हालत में भर्ती मरीजों को निकालना असंभव होगा. ऐसे में जबरन निकासी अस्पताल के कुछ मरीजों के लिए ‘मौत की सजा’ के समान होगी.

अस्पतालों पर निकासी चेतावनी लागू नहीं हो पाएगी- गाजा के उप स्वास्थ्य मंत्री

गाजा के उप स्वास्थ्य मंत्री यूसुफ ने इलाके के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा का जिक्र करते हुए पत्रकारों को भेजे एक व्हाट्सएप संदेश में कहा, ”अल-शिफा को खाली करना असंभव है.” यह 500 बिस्तरों वाला अस्पताल है और इसकी मौजूदा क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है. 

उन्होंने कहा कि गाजा के उत्तर में कम से कम छह अन्य अस्पताल हैं, जहां चिकित्सा कर्मचारी लगातार आ रहे मरीजों का इलाज कर रहे हैं. अस्पताल घायल मरीजों भरे पड़े हैं. ज्यादातर मरीज ऐसे हैं उन्हें कहीं ले जाया नहीं जा सकता, भले ही इसे खाली कराने का फैसला हो, यह बिल्कुल लागू नहीं हो पाएगा.

हमास-इजरायल जंग में अब तक कितने लोगों ने गंवाई जान?

फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कई स्थानों पर इजरायली गोलीबारी में कम से कम नौ फलस्तीनी मारे गए हैं. जंग में अब तक दोनों पक्षों को मिलाकर 3 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं और दस हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जंग के चलते कम से कम 1300 इजरायली मारे गए हैं तो वहीं गाजा में 1799 फलस्तीनियों को जान गंवानी पड़ी है. वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 44 लोगों की जानें गई हैं. वहीं, इजरायल में कम से कम 3,400 लोग घायल हुए हैं. गाजा में 6,388 से ज्यादा फलस्तीनी जख्मी हुई हैं. कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

इजरायल ने गाजा में रोकी भोजन-पानी और ईधन की सप्लाई

संभावित जमीनी आक्रमण से पहले इजरायल ने गाजा में भोजन, पानी, ईंधन और बिजली की आपूर्ति को को रोक दिया है क्योंकि फलस्तीनियों ने सप्लाई को स्टॉक करने की कोशिश की थी. इजरायल की ओर से गाजा के 2.3 मिलियन लोगों के लिए मिस्र से पहुंचने वाली आपूर्ति को रोके जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों ने बिगड़ते मानवीय संकट की चेतावनी दी है. 

गाजा में हमारे लोग नरसंहार से गुजर रहे हैं- फलस्तीनी प्रधानमंत्री

उधर, इजरायली वायुसेना की ओर से बड़े पैमाने पर किए गए हमले में गाजा के कई अपार्टमेंट्स के ध्वस्त होने के बाद फलस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह ने इजरायल पर नर-संहार करने का आरोप लगाया है. शतयेह ने रामल्लाह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”गाजा में हमारे लोग नरसंहार से गुजर रहे हैं और गाजा एक आपदा क्षेत्र बन गया है.”

तेल अवीव का दौरा कर क्या बोले अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन?

भारत और अमेरिका समेत कई देशों ने इजरायल का समर्थन किया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन ने इस बीच इजरायली शहर तेल अवीव का दौरा किया.

हमास के हमले को लेकर ऑस्टिन ने कहा, ”आईएसआईएस की तरह, हमास के पास कट्टरता और मौत के अलावा कुछ भी नहीं है. इजरायल के इतिहास में सबसे घातक हमला है और होलोकॉस्ट की समाप्ति के बाद से यहूदी इतिहास में सबसे खूनी दिन है.” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ”इसलिए कोई गलती न करें, अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि इजरायल के वो सबकुछ हो जो उसे उसके सुरक्षा के लिए जरूरी है.”

लॉयड ऑस्टिन और इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. इसमें योव गैलेंट ने हमास को गाजा का आईएसआईएस करार दिया.

मुस्लिमों ने किया विरोध प्रदर्शन, क्षेत्रीय संघर्ष भड़कने का खतरा!

पूरे मध्य पूर्व में शुक्रवार को फलस्तीनियों के समर्थन में और गाजा पट्टी पर इजरायली हवाई हमलों के विरोध में हजारों मुसलमानों ने प्रदर्शन किया. माना जा रहा कि इससे एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष भड़कने का खतरा है क्योंकि इजरायल संभावित जमीनी आक्रमण की तैयारी कर रहा है. जॉर्डन से लेकर यमन तक शुक्रवार की नमाज के बाद मुसलमान सड़कों पर उतर आए. ईरान की राजधानी तेहरान में भी हजारों महिलाएं और पुरुषोंं सड़कों पर झंडे लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बच्चे भी देखे गए. 

यरूशलेम में अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली पुलिस ने केवल बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्रार्थना के लिए परिसर में जाने की अनुमति दी. शुक्रवार को यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए प्रदर्शन की संभावना के मद्देनजर लोगों को वहां जाने से रोकने की कोशिश की गई.

पाकिस्तान में लगे फलस्तीन की आजादी के नारे

उधर फलस्तीनियों के समर्थन में पूरे पाकिस्तान में शुक्रवार को कई रैलियां हुईं. राजधानी इस्लामाबाद में कई छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें से ज्यादातर का नेतृत्व धार्मिक दलों ने किया. शुक्रवार की नमाज के बाद इकट्ठा हुई भीड़ ने फलस्तीन की आजादी और इजरायल के विनाश की मांग करते हुए नारे लगाए.

इजरायल के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने को तैयार हिजबुल्लाह 

ईरान के विदेश मंत्री ने चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह के नेता के साथ मध्य पूर्व की अस्थिर स्थिति पर चर्चा की है. हिजबुल्लाह के उप प्रमुख का कहना है कि लेबनानी समूह तैयार है और अपनी योजना के अनुसार इजरायल के खिलाफ लड़ाई में योगदान देगा.

जर्मनी ने दिखाई इजरायल से एकजुटता, अरब लीग का भी आया बयान

जर्मनी की विदेश मंत्री अपने देश की एकजुटता दिखाने के लिए इजरायल की यात्रा पर जा रही हैं. अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल घीत ने इजरायल की ओर से निकासी वाली चेतावनी की निंदा की है और इसे जबरन स्थानांतरण और करार देते हुए अपराध बताया है. 

रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति का कहना है कि सहायता समूह गाजा में 11 लाख लोगों को मदद मुहैया नहीं करा पाएगा, जिन्हें इजरायल ने दक्षिण में भागने के लिए 24 घंटे का समय दिया है.

फलस्तीन के लोगों ने झेला ऐतिहासिक अन्याय- चीनी विदेश मंत्री

यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल के साथ बीजिंग में बैठक के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ”(हमास-इजरायल जंग) समस्या की जड़ फलस्तीनियों के एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करने की चाह में लंबी देरी में निहित है और तथ्य यह है कि फलस्तीनी लोगों की ओर से झेले गए ऐतिहासिक अन्याय को ठीक नहीं किया गया है.”

भारत चला रहा ऑपरेशन अजय

हमास-इजरायल की जंग के बीच यहूदी देश में फंसे भारतीय को निकासी के लिए भारत सरकार ऑपरेशन अजय चला रही है. शुक्रवार को भारतीयों को पहला दल स्वदेश पहुंचा था. अब दूसरे दल की निकासी के लिए कोशिश हो रही है.

ऋषि सुनक और व्लादिमीर पुतिन ये बोले

इस बीच उत्तरी यूरोपीय देशों के एक सैन्य शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि गाजा में आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि गाजा में 20 लाख से ज्यादा लोग लोग रहते हैं. हमास के खिलाफ इजरायल के हमले से महिलाओं और बच्चों का पीड़ा सहनी पड़ रही है.

जॉर्डन दौरे पर अमेरिकी विदेश मंत्री

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जॉर्डन दौरे पर हैं. वह, जॉर्डन किंग अब्दुल्ला द्वितीय से तो मिलेंगे ही, साथ ही फलस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात करेंगे.

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