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Narak Chaturdashi 2023: नरक चतुर्दशी पर कर लें 4 जरूरी काम, मां लक्ष्मी हो जाएंगी प्रसन्न, दौलत-खुशियों से भर देंगी घर

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हाइलाइट्स

दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है और दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाती है.
छोटी दिवाली पर कुछ उपाय करने से मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है और धन संकट दूर होता है.

Choti Diwali 2023: फिजाओं में हल्की ठंडक घुलने के साथ ही दिवाली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. दरअसल, 5 दिन के दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है और दिवाली से ठीक एक दिन पहले नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस मनाते हैं. इसे छोटी दिवाली के नाम से भी जानते हैं. इस बार कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 नवंबर 2023 को दोपहर 01:57 बजे से शुरू होकर अगले दिन 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02:44 बजे पर इसका समापन होगा. ऐसे में मां लक्ष्मी के आगमन को लेकर लोगों ने घरों की साफ-सफाई से लेकर तमाम तैयारियां शुरू कर दी हैं.

वहीं, अलक्ष्मी को दुर्भाग्य की देवी कहा जाता है. माना जाता है कि जहां भी अलक्ष्मी का वास होता हैं, वहां दरिद्रता रहती है. इससे मनुष्य को धन का नुकसान होता है. इससे बचने के लिए नरक चतुर्दशी पर कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आपके घर में आगमन होता है. साथ ही घर में धन संकट नहीं होता है. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानते हैं कुछ उपाय, जिन्हें नरक चतुर्दशी पर करने से धर में दौलत और खुशियां दोनों का वास होगा-

नरक चतुर्दशी के दिन किए जाने वाले 4 चमत्कारी उपाय

देवियों का आशीर्वाद मिलेगा: नरक चतुर्दशी के दिन सुबह उठकर अपने पूरे शरीर में तेल की मालिश करें और कुछ देर बाद स्नान कर लें. माना जाता है कि, चतुर्दशी को तेल में माता लक्ष्मी और सभी जलों में मां गंगा निवास करती हैं. यही वजह है कि इस दिन तेल मालिश करके जल से स्नान करने की परंपरा है. ऐसा करने से दोनों देवियों का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है.

नरक का भय मिटेगा: ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, नरक चतुर्दशी के दिन जड़ समेत मिट्टी से निकली हुई अपामार्ग (चिरचिटा) की टहनियों को सिर पर घुमाने की परंपरा है. कहा जाता है कि ऐसा करने से आपकी सेहत को नुकसान नहीं होता है. साथ ही नरक का भय दूर होता है. आप चाहें तो लौकी के टुकड़े को भी सिर पर घुमा घुमा सकते हैं.

वातावरण शुद्ध होगा: 5 दिन के दीपोत्सव के दौरान सफाई का विशेष महत्व होता है. खासतौर पर नरक चतुर्दशी के दिन. माना जाता है कि, इस दिन घर से फालतू का सामान जैसे टूटा-फूटा फर्नीचर, बेकार जूते, फटे-पुराने कपड़े आदि को निकाल देना चाहिए. साथ ही घर के अंधेरे वाले स्थानों पर दीपक जलाकर रोशनी करें. ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध होगा, जिससे मां लक्ष्मी का आपके घर आगमन होगा.

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अकाल मृत्यु का भय मिटेगा: नरक चतुर्दशी की रात्रि में यम के निमित्त दीपदान करने का विधान है. इस रात दक्षिण दिशा की ओर यम के नाम का दीप जलाना चाहिए. माना जाता है कि इस दिन यमराज को दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. हालांकि, इस दीपक को जलाने के बाद इसकी निगरानी जरूरी है. ऐसे में जब दीप की लौ बढ़ जाए तो इसे घर लें आएं और संभालकर रख दें.

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Tags: Astrology, Choti diwali, Dharma Aastha, Narak Chaturdashi, Religion

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