
[ad_1]
हाइलाइट्स
प्रदोष पूजा मुहूर्त को देखते हुए अक्टूबर का अंतिम प्रदोष व्रत 26 अक्टूबर को रखा जाएगा.
प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त शाम 05 बजकर 41 मिनट से प्रारंभ है.
गुरु प्रदोष व्रत और शिव कृपा से दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है.
अक्टूबर माह का अंतिम प्रदोष व्रत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा. यह व्रत गुरुवार के दिन है, इसलिए यह गुरु प्रदोष व्रत होगा. आपको जानना चाहिए कि प्रदोष व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. इस वजह से हर माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं. प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त के बाद भगवान शिव की पूजा करते हैं. शिव पूजा से सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं. शिव कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि अक्टूबर का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? गुरु प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त और महत्व क्या है?
अक्टूबर 2023 का अंतिम प्रदोष कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 अक्टूबर दिन गुरुवार को सुबह 09 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और यह तिथि 27 अक्टूबर शुक्रवार के दिन सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक मान्य रहेगी. प्रदोष पूजा मुहूर्त के समय को देखते हुए अक्टूबर का अंतिम प्रदोष व्रत 26 अक्टूबर को रखा जाएगा.
ये भी पढ़ें: शरद पूर्णिमा पर लगेगा चंद्र ग्रहण, कैसे होगी चंद्रमा और लक्ष्मी पूजा? कब करें उपाय? ज्योतिषाचार्य से जानें मुहूर्त
अक्टूबर के अंतिम प्रदोष का पूजा मुहूर्त क्या है?
26 अक्टूबर को गुरु प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त शाम 05 बजकर 41 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 15 मिनट तक है. इस मुहूर्त में आपको भगवान शिव की पूजा कर लेनी चाहिए. ध्यान रखें कि प्रदोष व्रत पर शिव पूजा शाम के समय में ही होती है.
ये भी पढ़ें:करवा चौथ कब है? सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी चंद्रमा की पूजा, जानें मुहूर्त, अर्घ्य समय और पारण
ध्रुव योग में प्रदोष व्रत
गुरु प्रदोष व्रत के दिन ध्रुव और व्याघात योग बनेगा. व्याघात योग प्रात:काल से लेकर सुबह 08 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से व्याघात योग प्रारंभ होगा, जो रात तक रहेगा. वहीं व्रत वाले दिन पूर्व भाद्रपद नक्षत्र सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक है. फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा.
दुश्मनों पर विजय दिलाता है गुरु प्रदोष व्रत
दिन के अनुसार, प्रदोष व्रत का महत्व भी अलग-अलग होता है. 26 अक्टूबर को गुरु प्रदोष व्रत है. गुरु प्रदोष व्रत और शिव कृपा से दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है. यदि आप अपने दुश्मनों और विरोधियों पर विजय हासिल करना चाहते हैं तो गुरु प्रदोष व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि विधान से करें.
.
Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva
FIRST PUBLISHED : October 24, 2023, 15:25 IST
[ad_2]










