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पीएम मोदी का चीन दौरा सफल रहा, रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद दिल्ली हुए रवाना

SCO Summit: चीन के तियानजिन में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन रविवार दोपहर समाप्त हो गया। सम्मेलन के घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई है। सम्मेलन में अपने उद्घाटन संबोधन में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने अमेरिका के आधिपत्यवाद पर सख्त संदेश दिया। वहीं पीएम मोदी ने आतंकवाद और संप्रभुता का मुद्दा प्रमुख तौर पर उठाया। राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद पीएम मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

एससीओ बैठक में भाग लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष। सोशल मीडिया।

SCO Summit: चीन के तियानजिन में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन रविवार दोपहर समाप्त हो गया। सम्मेलन के घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई है। सम्मेलन में अपने उद्घाटन संबोधन में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने अमेरिका के आधिपत्यवाद पर सख्त संदेश दिया। वहीं पीएम मोदी ने आतंकवाद और संप्रभुता का मुद्दा प्रमुख तौर पर उठाया। राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद पीएम मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

दिल्ली के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

SCO Summit: पीएम मोदी अपना चीन का सफल दौरा पूरा कर दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील पीएम मोदी ने की और साथ ही भारत और रूस के रिश्तों को खास बताया।

खास रहा पीएम मोदी का चीन दौरा

पीएम मोदी का चीन दौरा इसलिए खास रहा क्योंकि इस दौरे से भारत और चीन के रिश्तों में गरमाहट लौटी है और दोनों देश विवाद सुलझाने पर सहमत हुए। साथ ही एससीओ शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जो भारत की कूटनीतिक जीत है। अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद के बीच पीएम मोदी के चीन दौरे पर पूरी दुनिया की निगाहें थीं।

पुतिन बोले- भारत-रूस के संबंध बहुआयामी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, ‘आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। एससीओ वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को एकजुट करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। 21 दिसंबर, 2025, भारत-रूस संबंधों को ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में विकसित करने की 15वीं वर्षगांठ है। हमारे बीच बहुआयामी संबंध हैं।

हमारा घनिष्ठ सहयोग दोनों देशों के लिए अच्छे : मोदी

पीएम मोदी ने कहा ‘भारत और रूस हमेशा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। हमारा घनिष्ठ सहयोग न केवल दोनों देशों की जनता के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। हम शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे।’

‘हमारी रूस के साथ विशेष साझेदारी’

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि ‘मुझे हमेशा लगता है कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव रहा है। हमें कई विषयों पर जानकारी का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला है। हम निरंतर संपर्क में रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच नियमित रूप से कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं। 140 करोड़ भारतीय इस वर्ष दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन के लिए आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है।’

यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का रास्ता खोजना होगा

चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। हम शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा। यह पूरी मानवता का आह्वान है।’

तियानजिन घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। खास बात ये है कि इस घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई है और हमले के दोषियों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य

घोषणा पत्र में आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी समूहों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने के प्रयासों की निंदा की गई। घोषणापत्र में कहा गया है, ‘सदस्य देश आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते हैं, इस बात पर बल देते हैं कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार गतिविधियां भी शामिल हैं, का मुकाबला करने का आह्वान करते हैं।’

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पुतिन ने यूक्रेन संकट के लिए पश्चिमी देशों को ठहराया जिम्मेदार

पुतिन ने कहा कि ‘मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक का विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा। मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी ‘आक्रमण’ के कारण नहीं, बल्कि कीव में पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।’

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