पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज, आंदोलनकारियों पर फायरिंग में दो की मौत

Pok violence: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन को दबाने के लिए सोमवार को पुलिस फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई। हालात पर काबू करने के लिए दो हजार सैनिकों की तैनाती की गई है।

गुलाम जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज। सोशल मीडिया

Pok violence: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन को दबाने के लिए सोमवार को पुलिस फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई। हालात पर काबू करने के लिए दो हजार सैनिकों की तैनाती की गई है।

Pok violence: जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (जेकेएएसी) के नेतृत्व में मीरपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद समेत कई जगहों पर प्रदर्शन और रैलियां हुईं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान बाजार और दुकानें बंद रहीं। जेकेएएसी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही एक बड़ी रैली का आयोजन करेगी।

दूसरे दिन इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं बंद रहीं

पाकिस्तान सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है। लगातार दूसरे दिन इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं निलंबित रहीं। मुजफ्फराबाद में हालात काफी तेजी से बदले जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी। इसमें दो लोगों की मौत के बाद भीड़ हिंसा पर उतारू हो उठी। आंदोलन पर काबू पाने के लिए सेना भी तैनात कर दी गई है।

बीते 70 वर्षों में हमें बुनियादी अधिकार नहीं दिए गए

अनुमान के मुताबिक हालात पर काबू पाने के लिए लगभग 2000 सैन्य कर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने आंदोलन से जुड़े तमाम बड़े नेताओं को बंदी बना लिया गया है। बताया जा रहा है कि पीओके में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। जेकेएएसी के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर ने कहा कि हमारा प्रदर्शन किसी संस्था के खिलाफ नहीं है बल्कि बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर है। बीते 70 वर्षों में हमें बुनियादी अधिकार नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत हुआ, या तो हमें अधिकार दें या जनता का गुस्सा झेलने के लिए तैयार रहें।

पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी का भी समर्थन

गुलाम जम्मू-कश्मीर के आंदोलन को पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी का भी समर्थन मिल रहा है। पीटीआइ ने एक्स पर एक वीडियो जारी किया जिसमें मुस्लिम कांफ्रेंस के कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग करते देखा गया। इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पार्टी ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।

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क्यों भड़के हैं गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोग

जेकेएएसी ने ने 38 बिंदु वाला एक चार्टर जारी किया है, जिसमें पीओके के प्रशासन में ढांचागत सुधार की मांग की गई है। नागरिकों का आरोप है कि उन्हें विकास के अवसरों से अन्यायपूर्ण तरीके से वंचित किया गया है। उनके बुनियादी अधिकारों का सरकार दमन कर रही है। लोगों को लग रहा है कि उनके साथ भी बलूचिस्तान जैसा बर्ताव किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंगला बांध और नीलम-झेलम जैसी जलविद्युत परियोजनाओं से लंबे समय से भारी मात्रा में बिजली पैदा की जा रही है।

पीओके भारी बिजली कटौती से जूझ रहा

इसका लाभ क्षेत्र को नहीं मिल रहा है। पीओके भारी बिजली कटौती से जूझ रहा है। उनकी मांग है कि इन परियोजनाओं के लिए सत्ताधारी अभिजात्य वर्ग को दिए जा रहे भत्ते और रायल्टी बंद किए जाएं। उनका कहना है कि सरकार यहां के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही है, लेकिन उनका लाभ लोगों को नहीं देना चाह रही। व्यवस्था में भ्रष्टाचार ने गहरी जड़ें जमा ली हैं, जिससे स्थानीय संसाधनों का लाभ सरकार और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों को मिल रहा है।

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