Sanjay Singh Satyendar Jain Manish Sisodia Three AAP Leader Arrested Since May 2022 Delhi Excise Policy Case Money Laundering

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Sanjay Singh Arrested: दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के परिसरों पर छापेमारी कर उन्हें ईडी ने बुधवार (4 अक्टूबर) को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में पहले से पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया कैद में हैं. इसके अलावा सत्येंद्र जैन स्वास्थ्य आधार पर मिली अंतरिम जमानत पर बाहर है. 

ऐसे में देखा जाए तो पिछले 16 महीने में जैन, सिसोदिया और अब सिंह की गिरफ्तारी हुई है. इसको आप लगातार साजिश बताते हुए कह रही है कि ये सब राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तहत किया जा रहा है. 

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ”संजय सिंह की गिरफ़्तारी बिलकुल गैर क़ानूनी है. ये मोदी जी की बौखलाहट दर्शाता है. चुनाव तक ये कई और विपक्षी नेताओं को गिरफ़्तार करेंगे.” 

वहीं  केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी ने एक्स पर लिखा, ”बीजेपी वालों का डर ना जाने उन्हें और कितना गिरायेगा. चुनाव के पहले INDIA से इनके हारने की बौखलाहट साफ़ दिख रही है. मनीष जी और सत्येन्द्र जी के बाद रेड सरकार ने बुलंदी से जनता की आवाज उठाने वाले संजय भैया को भी गिरफ़्तार कर लिया. ईडी का एक दफ़्तर हमारे पार्टी कार्यालय में ही क्यों नहीं खोल लेते? लगता है कि AAP पर झूठे आरोप लगाकर ही इनका गुज़ारा होता है.” आईए आखिर में ऐसे जानें कि आप के इन तीनों नेताओं पर क्या आरोप है? इन्हें कब गिरफ्तार किया गया था? 

संजय सिंह पर क्या आरोप है?
ईडी ने चार्जशीट में दावा किया कि दिनेश अरोड़ा ने बताया था कि उसकी मुलाकात सिंह से उसके रेस्तरां अनप्लग्ड कोर्टयार्ड’ में एक पार्टी के दौरान हुई थी. सिंह ने अरोड़ा से रेस्तरां मालिकों से दिल्ली विधानसभा चुनाव के वास्ते आम आदमी पार्टी के लिए फंड जमा इकट्ठा करने का अनुरोध किया था.  दिनेश अरोड़ा ने बताया कि उसने पार्टी के लिए 82 लाख रुपये का चेक दिया था. 

मनीष सिसोदिया कब गिरफ्तार हुए?
आप नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में सीबीआई ने इसी साल 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था. आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सिसोदिया से तिहाड़ जेल में ईडी ने पूछताछ की और उन्हें फिर नौ मार्च को अरेस्ट कर लिया.  जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए कथित तौर पर रिश्वत ली गई थी. 

ईडी के पास कैसे पहुंचा मामला?
सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद ईडी ने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था.  बता दें कि शराब नीति 17 नवंबर 2021 को लागू की गई थी, लेकिन इसमें गड़बड़ी के आरोप के बाद इसे 30 जुलाई 2022 को वापस से ले लिया गया. 

सत्येंद्र जैन को इस मामले में किया गया था गिरफ्तार 
केजरीवाल सरकार में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को ईडी ने उनसे जुड़ी चार कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने के केस में पिछले साल मई में गिरफ्तार किया था  जैन को  मेडिकल ग्राउंड के आधार पर आठ अक्टूबर तक अंतरिम जमानत मिली हुई है.

इनपुट भाषा से भी. 

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