Sharad Purnima 2023: आज शरद पूर्णिमा पर करें कोजागरी पूजा, माता लक्ष्मी धन-दौलत से भर देंगी घर, जानें मुहूर्त, मंत्र और पूजन विधि

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हाइलाइट्स

शरद पूर्णिमा की तिथि आज 04 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ हुई है, जो कल 01:53 एएम तक मान्य है.
चंद्र ग्रहण के कारण माता लक्ष्मी की पूजा पूजन सामग्री का उपयोग करके नहीं होगी.
लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:.

Sharad Purnima 2023 lakshmi puja: आज शरद पूर्णिमा के दिन कोजागरी पूजा करते हैं, इस वज​ह से इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और भ्रमण करती हैं. वे भ्रमण करते हुए पूछती हैं कि को जाग री यानि कौन जाग रहा है? शरद पूर्णिमा की रात, जो व्यक्ति जागरण करते हुए माता लक्ष्मी का स्वागत करता है, उसके घर मां लक्ष्मी का वास होता है और वह धन-दौलत से संपन्न हो जाता है. आज शरद पूर्णिमा की रात चंद्र ग्रहण भी लग रहा है और इसका सूतक काल दोपहर से ही लग जाएगा. ऐसे में कोजागरी पूजा कब करनी चाहिए? शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है? शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय क्या हैं? श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी से इन सबके बारे में विस्तार से जानते हैं.

शरद पूर्णिमा तिथि 2023 कब से कब तक है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा की तिथि आज 04 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ हुई है, जो कल 01:53 एएम तक मान्य है.

कब से कब तक है चंद्र ग्र​हण और सूतक काल?
चंद्र ग्रहण आज देर रात 01:06 एएम से मध्य रात्रि 02:22 एएम तक है. इसका सूतक काल आज दोपहर 02:52 बजे से लग जाएगा.

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शरद पूर्णिमा 2023 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब है?
ज्योतिषाचार्य तिवारी के अनुसार, इस साल चंद्र ग्रहण के कारण रात्रि के समय में माता लक्ष्मी की पूजा पूजन सामग्री का उपयोग करके नहीं होगी. इस बार मां लक्ष्मी की मानसोपचार पूजा की जाएगी. आप ग्रहण काल में रात्रि के समय जो भी समय ठीक लगे, उसमें पूजा करें. मां लक्ष्मी की मानसोपचार पूजा के बारे में नीचे बताया गया है.

शरद पूर्णिमा पर ग्रहण में कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा?
आज रात के समय आप माता लक्ष्मी की मानसोपचार पूजा करें. इसमें परिकल्पना मात्र से पूजा की जाती है. सबसे पहले आप माता लक्ष्मी को स्मरण करें. उनका ध्यान करके उनके मंत्र का जाप करें या लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें. इस पूजा में आपको फूल, फल, मिठाई या कोई भी पूजन सामग्री का इस्तेमाल नहीं करना है.

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मन में ही ध्यान करके माता लक्ष्मी का नाम जाप भी कर सकते हैं. मां लक्ष्मी को अपने वचनों से प्रसन्न करें. ग्रहण काल में जागरण का महत्व है. इसमें मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. देवी को प्रसन्न कर सकते हैं. आपको जानना चाहिए कि ग्रहण काल में तंत्र विद्याओं की सिद्धि का कार्य किया जाता है.

शरद पूर्णिमा पर करें लक्ष्मी मंत्र का जाप
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥

शरद पूर्णिमा पर बने हैं 3 शुभ योग
आज शरद पूर्णिमा पर सुबह ही रवि योग बना था. रवि योग सुबह 06:30 बजे से लेकर सुबह 07:31 बजे तक था. वज्र योग सुबह से बना है, जो रात 10:52 बजे तक है. उसके बाद सिद्धि योग प्रारंभ होगा. सिद्धि योग में आप मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करके लाभ उठा सकते हैं.

Tags: Astrology, Chandra Grahan, Dharma Aastha, Lunar eclipse

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