Sikkim Flash Floods Cloud Burst ISRO Satellite Images Of Lhonak Lake Burst

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Sikkim Flash Floods: सिक्किम की ल्होनक झील का लगभग 65 फीसदी (165 हेक्टेयर) हिस्सा बादल फटने की वजह से खत्म हो गया है. बादल फटने की वजह से झील का पानी ओवरफ्लो होने लगा और तीस्ता नदी में बहने लगा, जिसकी वजह से अचानक बाढ़ आ गई. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिन्हें देखने के बाद पता चलता है कि झील का पानी किस तरह से खत्म हो गया और बाकी हिस्सा सूखा रह गया. 

इसरो की तरफ से टेंपोरल सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं. 17 सितंबर और 28 सितंबर को ली गई तस्वीरों में किसी गोली के आकार वाली झील क्रमश: 162.7 हेक्टेयर और 167.4 हेक्टेयर में फैली हुई थी. बुधवार (4 अक्टूबर) को सुबह 6 बजे ली गई तस्वीर को देखने से मालूम चलता है कि झील का आकार आधे से भी कम होकर रह गया है. इसने 100 हेक्टेयर से ज्यादा इलाके में फैले पानी को गंवा दिया है और अब महज 60.3 हेक्टेयर इलाके में ही पानी मौजूद है. 

बाढ़ से पहले और बाढ़ के बाद ल्होनक झील (ISRO)

इसरो ने क्या कहा?

सिक्किम में बादल फटने और फिर उससे आई अचानक बाढ़ की वजह से राज्य में काफी तबाही मची है. इसकी वजह से एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा बह गया और 49 लोग लापता हो गए. इसरो ने कहा कि 17, 18 सितंबर और 4 अक्टूबर को झील के एरिया में बदलाव हुए हैं. ये देखा गया है कि बादल फटने की वजह से झील का 105 हेक्टेयर का पानी बहकर गायब हो गया. इसकी वजह से अचानक बाढ़ आई है. हम झील पर लगातार नजर रखना जारी रखेंगे. 

तीन अलग-अलग दिनों पर ली गई तस्वीर में झील का घटता हुआ आकार (ISRO)

बाढ़ में सेना के 23 जवान लापता

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि अचानक आई बाढ़ की वजह से कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है. तीन लोगों का शव सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तरी बंगाल में जाकर बरामद हुआ है. अन्य पांच लोगों के शव सिक्किम के गोलिटार और सिंगटाम इलाके में मिले. सिक्किम में आई इस त्रासदी में सेना के 23 जवान भी गायब हो गए हैं. भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों ने जवानों को ढूंढने के लिए संयुक्त बचाव अभियान चलाया हुआ है. 

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