
Sonam Wangchuk: लद्दाख में हुई हिंसा के बाद से केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के शैक्षणिक संस्थान व एनजीओ पर सीबीआई जांच बैठा दी है। संस्था का एफसीआरए लाइसेंस रद कर दिया है। वहीं वांगचुक का कहना है कि एफसीआरए उल्लंघन की बात सरासर गलत है। हम अपना ज्ञान बांटकर संस्था और शैक्षणिक संस्थान के लिए राजस्व जुटाते हैं।
केंद्र सरकार को वांगचुक ने दिया जवाब
Sonam Wangchuk:एफसीआरए उल्लंघन के लिए अपने संस्थान पर सीबीआई जांच पर, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि जासूसी अभियान की सीरीज में, बुधवार की घटनाएं आखिरी थीं। सारा दोष मुझ पर डाल दिया गया। लेह विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद भारत के गृह मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें सोनम वांगचुक का नाम लिया गया और उन्हें दोषी ठहराया गया। मुझे सीबीआई जांच के बारे में एक नोटिस मिला था जिसमें कहा गया था कि आपके संगठन को विदेशी धन प्राप्त हुआ, जबकि उसके पास एफसीआरए नहीं था।
हमारे ज्ञान का फायदा उठाना चाहते हैं कई देश
वांगचुक ने कहा कि हमें एफसीआरए नहीं मिला क्योंकि हम विदेश से धन नहीं चाहते। संयुक्त राष्ट्र की टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफगानिस्तान ले जाना चाहती थी, और इसके लिए उन्होंने हमें शुल्क दिया। हमें अपने कृत्रिम ग्लेशियरों के बारे में जानकारी देने के लिए स्विट्जरलैंड और इटली के संगठनों से भी कर सहित शुल्क मिला। हमें आयकर विभाग के समन मिल रहे हैं। यह गलत है।
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लगा आरोप, विदेशी फंडिंग के कानून का किया उल्लंघन
लद्दाख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर आरोप है कि एनजीओ के लिए विदेशी फंडिंग से संबंधित कानून का ‘बार-बार’ उल्लंघन किया गया। यह रद्दीकरण वांगचुक के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश में राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के 24 घंटे बाद हुआ है। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वांगचुक के स्थापित संस्थानों से जुड़े विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।”
गृह मंत्रालय ने क्या लगाया आरोप?
गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर सोनम वांगचुक पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप लगाया, जबकि उन्होंने खुद 24 सितंबर को अपना अनशन तोड़ने का फैसला किया था। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एक बयान में कहा कि उपद्रवियों ने युवाओं को भड़काकर हिंसा भड़काई। गुप्ता ने कहा कि जब भीड़ ने सीआरपीएफ के एक वाहन में आग लगा दी और वाहन के अंदर मौजूद जवानों को जिंदा जलाने का इरादा किया, तो सुरक्षा बलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले, सीबीआई की एक टीम लेह पहुंची थी और उन्हें बताया था कि हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (एचआईएएल) में संभावित एफसीआरए उल्लंघनों के संबंध में गृह मंत्रालय से एक शिकायत मिली है। उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई टीम ने उन्हें बताया कि उन्होंने विदेशी धन प्राप्त करने के लिए एफसीआरए के तहत मंजूरी नहीं ली है। वांगचुक ने कहा, “हम अपने ज्ञान का निर्यात करते हैं और राजस्व जुटाते हैं। सीबीआई टीम ने कहा कि हमने एफसीआरए उल्लंघन किया है।
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