
Farrukhabad Blast: यूपी के फर्रुखाबाद में एक कोचिंग सेंटर के बाहर हुए विस्फोट से इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद लखनऊ से एटीएस टीम भी पहुंची। पुलिस विस्फोट के आतंकी कनेक्शन की आशंका से भी जांच कर रही है। वजह घटनास्थल सेंट्रल जेल से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर है। जेल में कई खूंखार बदमाश बंद हैं।
Farrukhabad Blast: कोचिंग सेंटर के बाहर हुए धमाके की घटना का आतंकी कनेक्शन होने की भी शंका जताई जा रही है। घटनास्थल से सेंट्रल जेल की दीवार की दूरी करीब 500 मीटर दूरी पर ही है। यहां कई खूंखार कैदियों के अलावा बरेली दंगे का आरोपित मौलाना तौकीर रजा भी बंद है। देर शाम लखनऊ से एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की तीन सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। उसके बाद टीम घायल बच्चों से भी पूछताछ करने लोहिया अस्पताल पहुंची।
सभी घायल छात्रों से घटना के संबंध में पूछताछ की
शनिवार देर शाम करीब 8 बजे लखनऊ से एटीएस के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार तिवारी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां घटनास्थल का जायजा लेकर टीम स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची। वहां भर्ती सभी घायल छात्रों से घटना के संबंध में पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बयानों के वीडियो भी बनाए।
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फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से घटनास्थल से 500 मीटर दूर
टीम वहां से दोबारा घटनास्थल पर गई और आसपास के लोगों से पूछताछ करने की कोशिश की। इस हादसे में दो युवकों की जान चली गई। जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वह फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से लगभग 500 मीटर दूरी पर है। इसी सेंट्रल जेल में कई खूंखार कैदियों के अलावा विगत शनिवार से बरेली में हुए बवाल के आरोपित मौलाना तौकीर रजा को भी यहां बंद किया गया है।
धमाके से पांच मिनट पहले ही निकली थी शोभायात्रा
कोचिंग सेंटर के बाहर धमाका होने से पांच मिनट पहले ही बाबा श्याम की शोभायात्रा निकली थी। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ठीक थी, इसलिए पीछे वाहन रेंग रहे थे। शोभायात्रा कोचिंग सेंटर के सामने से धमाका होने से पांच मिनट पहले ही गुजरी थी। लोगों का मानना था कि यदि शोभायात्रा कोचिंग सेंटर के पास से गुरजते समय धमाका होता तो जनहानि अधिक होती। वहीं धमाका होने के बाद लोग ट्रैक्टर, कार व अन्य वाहन वापस लौटाने लगे।
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