
गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। प्रयागराज में गंगा खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई है तो इधर कानपुर के बिठूर में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब ब्रह्मा की खूंटी जिसे दुनिया केंद्र बोला जाता है वह भी डूब गई। मान्यता है कि ऐसा होना भी कुछ संकेत देता है।
लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 111.15 मीटर है। मंगलवार देर रात बिठूर स्थित ब्रह्मा की खूंटी डूब गई। खूंटी का डूबना अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है लेकिन साथ ही कटरी के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बीच गंगा में कटान भी शुरू हो गया है। आशंका है कि अगले कुछ दिनों में अगर इसी तरह से जलस्तर बढ़ा तो कटरी के सब्जी के खेतों और अमरूद के बगीचों में पानी घुसने लगेगा।
डूब गई खूंटी भी
एक तरफ मूसलाधार बारिश है और साथ ही हरिद्वार और नरौरा से पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंगलवार रात 10.40 पर बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट स्थित ब्रह्मा मंदिर की ब्रह्म खूंटी भी डूब गई। दोपहर तक मंदिर के नीचे सीढ़ियों तक ही पानी था। अचानक गंगा का पानी बढ़ा तो देर रात दुनिया की केंद्र बिंदु कही जाने वाली ब्रह्मा खूंटी डूब गई।
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खूंटी का डूबना माना जाता है अच्छा
मंदिर के पुजारी रूपम द्विवेदी ने बताया देर रात देखा गया तो खूंटी डूबी हुई थी। तीर्थ पुरोहित देव कुमार द्विवेदी ने बताया ब्रह्मवर्त खूंटी का डूबना अच्छी बारिश होने का प्रमाण होता है। वैसे अगस्त या सितंबर माह में ब्रह्म खूंटी डूबती थी। लेकिन पिछली बार जुलाई माह में ही खूंटी डूब गई थी।
इस स्तर पर बह रही है गंगा
मंगलवार को गंगा बैराज पर जलस्तर 113.050 मीटर था जबकि चेतावनी बिंदु 114 और खतरे के निशान 115 मीटर है। मंगलवार को नरौरा से 80447 और हरिद्वार से 14397 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पर बैराज के सभी 30 गेट खोल कर 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि अभी गंगा चेतावनी व खतरे के निशान से दूर है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। कटरी से सटे इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।

सतर्क भी करती है यह खूंटी
खूंटी के डूबने से अच्छी बारिश का संकेत है। जिसके चलते आस-पास के लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। लगातार बारिश और आगे से आते पानी के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ेगा जिससे आसपास के इलाके बाढ़ के प्रभाव में आएंगे। वहीं लगातार जलस्तर बढ़ने से ग्वालटोली, नवाबगंज, बिठूर, क्षेत्र के कटरी इलाके के किसानों की समस्या आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। कटरी में सब्जी के खेत और अमरूद के बगीचे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। जिससे कटरी के बनिया पुरवा दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा, चैनपुरवा, भगवान दीन पुरवा के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है। गंगा की रेती में होने वाली फसल जैसे तरोई, लौकी कद्दू, खीरा वगैहरा की फसल लगभग डूब चुकी है। कटरी में फसल डूबने से सब्जी भी भावों में इजाफा होने लग जाएगा।
जानें ब्रह्मा खूंटी के बारे में
पौराणिक कथाओं की मानें तो बिठूर में गंगा नदी किनारे स्थित ब्रह्म खूंटी ही संपूर्ण विश्व का केंद्र बिंदु है। इस बात कई मनीषी और विदेशी वैज्ञानिक भी प्रमाणित कर चुके हैं। वहीं मान्यता है कि ब्रह्मा जी ने बिठूर में इसी स्थान पर बैठकर 99 यज्ञ किए और सृष्टि की रचना की। जिससे राजा मनु की उत्पत्ति हुई थी। उनका आधा शरीर पुरुष और आधा स्त्री का था। ब्रह्मा जी ने स्त्री को अलग कर रानी शकुंतला नाम दिया और फिर उन्हें सृष्टि रचना का आदेश दिया। एक किवदंती यह भी है कि यज्ञ खत्म होने के बाद ब्रह्मा जी जाने को हुए तो उनके दाहिने पैर की खड़ाऊं धरती में धंस गई। खड़ाऊं पाताल में चला गया लेकिन अंगूठे और अंगुली के बीच कील धरती के ऊपर रह गई। जाते समय ब्रह्माजी ने कहा कि आने वाले समय में खूंटी विख्यात होगी।
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