
औरैया और जालौन को जोड़ने वाला यमुना पुल 16 जुलाई से एक महीने के लिए बंद हो रहा है। डीएम ने निर्देश पर बैरिकेडिंग कर सीसी ब्लाक लगाए जाएंगे। ऐसे में जालौन जाने वालों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर गुजरना होगा। आखिर क्यों बंद हो रहा है पुल? जानने के लिए पढ़ें खबर।
शेरगढ़ घाट स्थित यमुना पुल की मरम्मत के लिए आवागमन बंद होने जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी ने निर्देश जारी कर दिए है। बुधवार सुबह सात बजे पूरी तरह से यमुना पुल से आवागमन बंद हो जाएगा। जिसको लेकर लोक निर्माण विभाग तैयारी में जुटा हुआ है। वहीं अब लोग बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर जालौन जा सकेंगे। उनको 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी।
चार पहिया वाहनों को देना होगा टोल टैक्स
साथ ही चार पहिया वाहनों को टोल टैक्स भी देना होगा। जिससे उनके ऊपर बोझ बढ़ेगा। मंगलवार को पुल से वाहन निकलते नजर आए। हालांकि बंद होने की सूचना के चलते कम वाहन निकले। देर शाम पुल बंद करने के लिए सीसी ब्लाक लोक निर्माण विभाग ने रखवा दिए है। देवकली चौकी पर पुल बंद करने को बोर्ड भी लगाया जाएगा। जिससे लोगों को जानकारी हो और पुल की तरफ न जाए।
नवंबर 2022 में भारी वाहनों के प्रवेश पर लगाई थी रोक
जालौन से जोड़ने वाले शेरगढ़ घाट पर यमुना नदी पुल ओवरलोड वाहनों के निकलने से जर्जर हो चला है। इसकी वजह से प्रशासन ने नवंबर 2022 में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। मरम्मत के बाद जुलाई 2023 में उसे वाहनों के लिए खोल दिया गया था। टोल बचाने के लिए झांसी की ओर से आने वाले गिट्टी मौरंग से लदे ट्रक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर न जाकर इधर से गुजरने लगे थे। इसके बाद 15 दिसंबर 2023 को पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर दोबारा रोक लगा दी गई थी।

खराब मिलीं थीं बेयरिंग, पुल के पीयर पर थे क्रैक
23 जुलाई 2024 को बीएचयू से आए आइआइटी के प्रोफेसर डा. अंजनी कुमार की टीम ने पुल की जांच की थी। जिसमें आठ बेयरिंग खराब मिली और कई जगह पुल के पीयर पर क्रैक मिले, रोलर में कुछ कमियां मिली थी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सेतु से गुजरने वाले सभी वाहनों के आवागमन को पूर्ण तरीके से बंद किया जाएगा। सभी वाहनों के यातायात को वैकल्पिक मार्ग के रूप में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से निकाले जाएंगे।
अब वाहनों को टोल चुकाना होगा, बढ़ेगी परेशानी
पुल के एक महीने से बंद होने से रोजाना आने वाले शिक्षकों, हजारों विद्यार्थियों और मजदूरों की परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि उनको बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर जाना पड़ेगा और 80 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। कार का एक चक्कर का वापसी 200, लोडर का वापसी 240, टैंपों का 150 और बाइक का प्रति किलोमीटर एक रुपये टोल चुकाना पड़ेगा। इसके अलावा व्यापारियों को भी दिक्कत होगी।
यह रहेगा वैकल्पिक मार्ग
पुल बंद होने के बाद औरैया से जालौन जाने के लिए मेहोली से बुंदेलखंड एक्सप्रेस से होकर छिरिया सलेमपुर जाना होगा। फिर छरिया से जालौन आना होगा। इस तरह करीब 80 किलोमीटर की दूरी पढ़ जाएगी। जबकि एक अन्य मार्ग जालौन जाने के लिए अयाना से जुहीका होते हुए जा सकते है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह पुल बंद कर दिया जाएगा। किसी प्रकार के वाहन एक महीने तक नहीं आ सकेंगे। सभी लोग वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।











