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निशा राठौड़/उदयपुर. ग्रहों के राजा सूर्य देव और सेनापति मंगल गुरुवार को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. दोनों अभी तुला राशि में हैं. मंगल सुबह 10:47 बजे, जबकि सूर्यदेव रात 1:19 बजे तुला में आएंगे. ऐसे में राशि परिवर्तन के बाद भी दोनों साथ होंगे. ज्योतिष आचार्य ने बताया कि को वृश्चिक राशि में बुध का भ्रमण पहले से है. ऐसे में अब त्रि-ग्रही योग बन रहा है. हालांकि मंगल और सूर्य दोनों साथ होने से अंगारक योग भी बनेगा. मंगल 45 दिन तक एक राशि में रहता है. वह 27 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेगा.
ज्योतिषाचार्य डॉ. अलकनंदा शर्मा ने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा अद्भुत संयोग देखने को मिल रहा है, जब 17 नवंबर को सूर्य देव वृश्चिक राशि में विराजमान होंगे तो उस दौरान पहले से ही बुद्ध और मंगल वहां मौजूद रहेंगे. जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण होगा. वहीं सूर्य मंगल युति के अलावा सूर्य-बुध मिलकर बुधादित्य योग भी बनाएंगे. इन दोनों ही योग से कई रशियों की किस्मत खुल जाएगी.
कौन सा ग्रह कब बदलेगा राशि
16 नवंबर सूर्य रात 1:19 बजे तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा. 16 नवंबर मंगल सुबह 10:47 बजे तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा. 27 नवंबर बुध वृश्चिक से धनु राशि में सुबह 5:42 बजे प्रवेश करेगा. 29 नवंबर शुक्र कन्या से तुला राशि में दोपहर 1:06 बजे प्रवेश करेगा. जल तत्व की वृश्चिक राशि में सूर्य, बुध और मंगल एक साथ रहेंगे. 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में सूर्य के साथ बुध व मंगल रहेंगे. ऐसे में दो योगों का निर्माण होगा. एक तो सूर्य-मंगल की युति से अंगारक योग और दूसरा सूर्य-बुध एक साथ होने से बुधादित्य योग बनेगा, लेकिन अंगारक व त्रिग्रही योग होने के कारण बुधादित्य योग का खास औचित्य नहीं रहेगा.
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FIRST PUBLISHED : November 16, 2023, 13:43 IST
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