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Palestinian Prisoners in Israeli Jail: इजरायल और हमास के बीच चार दिनों का युद्ध-विराम लागू हो चुका है. कतर और मिस्र ने इस समझौते को पूरा करने में मदद की है. कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक,आज शाम 4 बजे (स्थानीय समयानुसार) बंधकों को रिहा किया जाएगा. हमास की ओर से बंधकों को रेड क्रॉस को सौंपा जाएगा.
हमास ने बंधकों के रिहा करने के एवज में उन फिलिस्तीनियों को वापस करने को कहा है जो इजरायल के जेल में बंद हैं. इजरायल ने छोड़े जाने वाले 300 फिलिस्तीनियों की लिस्ट भी जारी की है, हालांकि इनमें से सिर्फ 150 को ही छोड़ा जाएगा. इजरायल के जेलों में बंद फिलिस्तीनियों में ज्यादातर कैदी 14 से 18 साल उम्र के हैं. कैद किए गए फिलिस्तीनियों में 274 पुरुष हैं.
‘इजरायल की जेल में फिलिस्तीनियों से बुरा सलूक’
अल-जजीरा ने दावा किया है कि कैद किए गए फिलिस्तीनियों के साथ इजरायली जेल में काफी बुरा सलूक किया जाता है. कई कैदियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है तो कई के साथ शारीरिक शोषण भी होता है. बीबीसी अरबी सेवा को दिए एक इंटरव्यू में फिलिस्तीनी प्रीजनर्स क्लब के प्रवक्ता ने बताया कि फिलिस्तीनी कैदियों के परिवार वाले बहुत बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे हैं.
क्या है आरोप?
इजरायल ने जिन फिलिस्तीनियों को जेल में बंद कर रखा है उन पर कई आरोप लगाए गए हैं. इजरायल ने जिन कैदियों की सूची सार्वजनिक की है उन पर किसी इजरायली नागरिक या सैनिकों की हत्या के आरोप नहीं हैं. उन पर पथराव, बम बनाना या फेंकना, हत्या की कोशिश और गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं.
‘बिना ट्रायल के भेजे जाते हैं जेल’
इजरायल में बिना किसी सुनवाई के प्रशासनिक हिरासत में रखने के नियम हैं, इस नियम के तहत सबसे ज्यादा फिलिस्तीनियों को जेल भेजा गया है. इस नियम के तहत आरोपी को किसी वकील की सुविधा नहीं मिलती है.
इजरायली सेना के मुताबिक, प्रशासनिक हिरासत में अनिश्चितकाल के लिए रखा जा सकता है, बस आरोपी के खिलाफ हर 6 साल में रिन्यू ऑर्डर पास कराना होता है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल करीब 500 से 700 फिलिस्तीनी नाबालिगों को इजरायल प्रशासनिक हिरासत के तहत जेल भेज देता है.
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