
डीएम जेपी सिंह की सिफारिश पर सख्त एक्शन, योगी सरकार ने दिया स्पष्ट संदेश
कानपुर | बहुचर्चित सीएमओ प्रकरण में शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन के चिकित्सा अनुभाग-2 द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि डॉ. नेमी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं में शासन की अनुमति के बिना भुगतान कर नियमों की अनदेखी की।
अब उनकी जगह श्रावस्ती के सीएमओ डॉ. उदयनाथ को कानपुर नगर का नया सीएमओ बनाया गया है।
🔎 डीएम की संस्तुति बनी आधार
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी जेपी सिंह ने शासन को डॉ. नेमी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की थी। हालांकि स्वास्थ्य निदेशालय ने और भी कारण गिनाए हैं लेकिन डीएम के पत्र के बाद भी शासन ने यह कठोर निर्णय लिया है। डीएम ने संबंधित प्रकरणों में वित्तीय अनियमितता और प्रक्रिया उल्लंघन की ओर शासन का ध्यान खींचा था।
🗳️ नेता भी दो खेमों में बंटे, महाना का समर्थन पत्र बना चर्चा का विषय
इस पूरे मामले में राजनीतिक हलकों में भी खासा गहमा-गहमी रही। कुछ जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ का विरोध किया तो कुछ उनके समर्थन में उतर आए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा शासन को लिखा गया समर्थन पत्र चौंकाने वाला रहा, जिसने पूरे घटनाक्रम को और पेचीदा बना दिया।
🙌 जनता और अधिकारी डीएम के साथ
शहर में आम जनता, चिकित्सा कर्मी और प्रशासनिक वर्ग का एक बड़ा हिस्सा डीएम जेपी सिंह के फैसलों के साथ खड़ा दिखाई दिया। लोगों ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में डीएम के रुख को सही ठहराया। अब जब शासन ने सीएमओ को निलंबित कर दिया है, तो इसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
🧍♂️ नेताओं की चुप्पी भी बनी सुर्खी
जो नेता कल तक डॉ. नेमी के पक्ष में खुलकर बोल रहे थे, वे आज कैमरों से बचते फिर रहे हैं। बयानबाजी करने वाले कई चेहरे अब सार्वजनिक मंचों से नदारद हैं।
🏛️ डीएम जेपी सिंह की कार्यशैली फिर चर्चा में
गौरतलब है कि डीएम जेपी सिंह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में भी तैनात रह चुके हैं। बतौर सिटी मजिस्ट्रेट उनका कार्यकाल वहां भी सुर्खियों में रहा। कानपुर में भी उनकी सख्त कार्यशैली एक बार फिर चर्चा में है।
👨⚕️ डॉ. उदयनाथ की तैनाती से नई उम्मीदें
कानपुर के नए सीएमओ के रूप में नियुक्त डॉ. उदयनाथ को श्रावस्ती से स्थानांतरित किया गया है। वे अपनी प्रशासनिक कुशलता के लिए जाने जाते हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वे कानपुर की स्वास्थ्य सेवाओं को कैसे दिशा देते हैं।
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