छांगुर धर्मांतरण मामला : ईडी के हाथ लगे अहम दस्तावेज, भतीजे समेत दो गिरफ्तार, हबीब बैंक एजी ज्यूरिख में मिला खाता

बलरामपुर में अवैध मतांतरण मामले की जांच में जुटी ईडी को अहम सुराग हाथ लगे हैं। इनमें हबीब बैंक के खातों का विवरण और संपत्ति में निवेश से जुड़े कागजात शामिल हैं। छांगुर बाबा धर्मांतरण के साथ विदेश में भी कारोबार फैला रहा था। गिरोह अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल भतीजे समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

छांगुर बाबा के धर्मांतरण मामले में ईडी की चल रही कार्रवाई, मिले कई अहम दस्तावेज। सोशल मीडिया

बलरामपुर में अवैध मतांतरण मामले की जांच में जुटी ईडी को अहम सुराग हाथ लगे हैं। इनमें हबीब बैंक के खातों का विवरण और संपत्ति में निवेश से जुड़े कागजात शामिल हैं। छांगुर बाबा धर्मांतरण के साथ विदेश में भी कारोबार फैला रहा था। गिरोह अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल भतीजे समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

अवैध मतांतरण, विदेशी फंडिंग में गिरफ्तार छांगुर उर्फ जलालुद्दीन, नीतू, नवीन के काले कारनामों की परत दर परत जांच में खुल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कई चौंकाने वाले दस्तावेज छापेमारी में हाथ लगे हैं। इसमें अवैध मतांतरण के अहम दस्तावेज, विदेशी फंडिंग व मनी लांड्रिंग, अस्पताल बनाने की योजना आदि शामिल हैं।

ईडी ने उतरौला नगर के शोरूम में मारा था छापा

छांगुर के उतरौला नगर में स्थित शोरूम से ईडी को कई दस्तावेज मिले हैं। इसमें हबीब बैंक एजी ज्यूरिख के खाता के लेनदेन का विवरण मिला है। यह बैंक खाता किसके नाम और किस देश की शाखा में है, इसका उल्लेख ईडी ने शोरूम पर चस्पा नोटिस में नहीं किया है। बीब बैंक एजी ज्यूरिख के स्विट्जरलैंड समेत 11 देशों में शाखाएं है। ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि जो धन गिरोह के पास है, वह अपराध की आय है। विभिन्न लोगों को करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदने के लिए धन दिया गया था।

छांगुर के करीबियों समेत 15 ठिकानों पर मारे थे छापे

बीते 17 जुलाई को ईडी ने छांगुर समेत उनके करीबियों के 15 ठिकानों पर छोपेमारी की थी। छांगुर के बाबा ताजुद्दीन आश्वी बुटीक सुभाषनगर में स्थित शोरूम में ईडी की टीम को करीब 25 अहम अभिलेख मिले हैं। इसमें कई ऐसे कागज मिले हैं जिसमें लिखे नामों को छांगुर या उसकी सहयोगी नीतू ही जानती है। इसमें नासिर वाडीलाल के बीच समझौता, नासिर वाडीवाल का छांगुर के पक्ष में अपरिवर्तनीय पावर आफ अटार्नी, सफीउल्लाह, समीउल्लाह, प्रदीप बी तिवारी, राजनारायण आर सिंह के बीच समझौता आदि अभिलेख हैं।

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नेटवर्क की तह तक पहुंचने को जांच एजेंसी सक्रिय

इसके साथ ही यूनाइटेड मरीन एकाउंट से मेसर्स कृष्णा इंटरनेशनल एफजेडीई के खाते में लेनेदेन, रास अल खैमाह सरकार के मेसर्स आरएके इन्वेस्टमेंट अथारिटी के साथ मिस आश्वी मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल बलरामपुर की संरचना की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ से परीक्षण रिपोर्ट की प्रति भी मिली है। तलाशी में मिले अभिलेखों की ईडी गहनता से जांच कर रही है। छांगुर गिरोह के नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसियां सक्रिय हैं।

अपने नाम पर नहीं ली गई कोई भी अचल संपत्ति

अवैध मतांतरण गिरोह का सरगना छांगुर बहुत शातिर है। उसने अर्जित सभी अचल संपत्तियां सहयोगी नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के नाम ही ली हैं। इससे मनी लांड्रिंग में छांगुर अपनी सीधी संलिप्ता को छुपा सके। ऐसी आशंका व्यक्त कर जा रही है।

मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल बनाने की थी योजना

मधपुर में छांगुर की सहयोगी नीतू की कोठी का जो हिस्सा ढहाया गया है। उस परिसर में मिस आश्वी मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल बनाने की योजना थी। इसकी पुष्टि शोरूम में ईडी को मिले दस्तावेज में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ की परीक्षण रिपोर्ट से होती है।

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