British PM Rishi Sunak Extends Diwali Wishes Says It Is Symbol Of Triumph Of Light Over Darkness

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Rishi Sunak Extends Diwali Wishes: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शनिवार (11 नवंबर) को आशा भरे भविष्य के संदेश के साथ दिवाली मना रहे ब्रिटेन और दुनिया भर में लोगों को दिवाली शुभकामनाएं दीं. इसके अलावा उन्होंने सिख समुदाय को ‘बंदी छोड़ दिवस’ की भी शुभकामनाएं भी दीं.
 
उन्होंने कहा, “रोशनी का यह त्योहार चीजों को बेहतर बनाने के लिए बदलाव का एक दृढ़ संकल्प और अंधेरे पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है. मेरा मानना ​​है कि दिवाली एक उज्जवल कल के प्रयास का मार्मिक प्रतिनिधित्व करती है.” उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के पहले एशियाई प्रधानमंत्री और एक धार्मिक हिंदू के तौर पर उन्हें उम्मीद है कि दिवाली यूनाइटेड किंगडम में जातीय और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव होगी.

ब्रिटिश उच्चायोग ने भी दीं शुभकामनाएं
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इससे पहले भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने सभी भारतीयों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं. ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा, “दिवाली परिवार, दोस्तों और मौज-मस्ती के लिए है. इसलिए हम इन सभी को ऑफिस में एक साथ ले आए. आप सभी को हमारी तरफ से दिवाली की शुभकमनाएं. 

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने भी सभी को सुरक्षित, खुशहाल और समृद्ध दिवाली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, हम ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं.  एलिस ने कहा, “आप और आपकी दिवाली सुरक्षित, समृद्ध और खुशहाल हो.” 
 
डाउनिंग स्ट्रीट में कार्यक्रम का आयोजन
इससे पहले सुनक ने गुरुवार (9 नवंबर) को अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ दिवाली के मौके पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट में एक विशेष कार्यक्रम की मेजबानी की थी. इस दौरान जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यकर्म में शामिल हुए थे. सोशल मीडिया पर साझा की गई कार्यक्रम की तस्वीरों को देखकर लगता है कि डाउनिंग स्ट्रीट दीयों और रंगीन रोशनी से जगमगा रहा था.

यूके के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज रात प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिवाली से पहले डाउनिंग स्ट्रीट में हिंदू समुदाय के मेहमानों का स्वागत किया, जो अंधेरे पर प्रकाश की विजय का उत्सव है.यूके और दुनिया भर में सभी को शुभ दिवाली.”

पंजाबी मूल के हैं ऋषि सुनक
गौरतलब है कि ऋषि सुनक पंजाबी मूल के हैं और हिंदू धर्म को मानते हैं. उनका जन्म साउथेम्प्टन में हुआ था. वे यहां के मंदिर में नियमित रूप से जाते हैं. उन्होंने हाल ही में भारत में सम्पन्न हुए जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया था और वहां पूजा-अर्चना भी की थी.

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