हरियाणा में दलित की बजाय अब जाट-ओबीसी के गठजोड़ पर कांग्रेस का जोर, बदली रणनीति

Congress strategy in Haryana: कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में दलित वोटरों को नजर अंदाज कर अब जाट और ओबीसी वोटरों पर दांव लगा रही है। कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा फिर से विपक्ष का नेता बनाया। राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। 18 साल बाद एक गैर-दलित को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

हरियाना में कांग्रेस के प्रमुख नेता। सोशल मीडिया

Congress strategy in Haryana: कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में दलित वोटरों को नजर अंदाज कर अब जाट और ओबीसी वोटरों पर दांव लगा रही है। कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा फिर से विपक्ष का नेता बनाया। राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। 18 साल बाद एक गैर-दलित को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

Congress strategy in Haryana: हरियाणा में कांग्रेस हाईकमान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की राजनीतिक ताकत को नजरअंदाज नहीं कर पाया है। पिछले साल जीत से मामूली दूरी पर रह गई कांग्रेस ने एक बार फिर न केवल भूपेंद्र हुड्डा को विपक्ष के नेता की कमान सौंपकर जाट नेतृत्व पर भरोसा जताया है, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर दलित राजनीति की बजाय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) चेहरे राव नरेंद्र पर दांव खेला है।

अहीरवाल में कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन निराशाजनक

कांग्रेस इस बदलाव और नये जातीय समीकरणों के मद्देनजर जहां बिहार चुनाव में यादवों का समर्थन हासिल करने की सोच रही है, वहीं फिर से अहीरवाल में पैठ बढ़ाने की कोशिश की गई है। अहीरवाल में कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत के साल 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी अहीरवाल में लगातार चुनाव हार रही है।

12 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ एक ही सीट जीती थी

इस बार भी 12 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ एक ही सीट जीत पाई। 53 साल बाद यह पहला मौका है, जब कांग्रेस ने अहीरवाल के नेता राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। राव नरेंद्र से पहले राव निहाल सिंह साल 1972 से 1977 तक हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं, जोकि अहीरवाल से आते थे। कांग्रेस हाईकमान ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विपक्ष का नेता और उनके करीबी राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जाट और ओबीसी गठजोड़ को महत्व दिया है।

यह भी पढ़ें:

हुड्डा दो बार मुख्यमंत्री, चार बार नेता प्रतिपक्ष

हुड्डा दो बार मुख्यमंत्री, चार बार नेता प्रतिपक्ष, चार बार सांसद, छह बार विधायक और छह साल तक हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। राव नरेंद्र तीन बार विधायक और हुड्डा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। भाजपा का पूरा जोर इस समय ओबीसी की राजनीति पर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी ओबीसी हैं। कांग्रेस ने एक कदम आगे बढ़ते हुए न केवल ओबीसी को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया, बल्कि अहीरवाल क्षेत्र से आने वाले नेता को इस पद के लिए इसलिए चुना ताकि कांग्रेस को अहीरवाल में मजबूती प्रदान की जा सके।

18 साल बाद गैर दलित को प्रदेश अध्यक्ष की कमान

पिछले तीन कार्यकाल से अहीरवाल ही भाजपा के लिए सत्ता की चाबी साबित हुआ है। 18 साल बाद गैर दलित को प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली कांग्रेस ने 18 साल बाद गैर दलित को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। साल 2007 में फूलचंद मुलाना से कांग्रेस का दलित प्रदेश अध्यक्ष बनाने का युग शुरू हुआ था। फूलचंद मुलाना सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे थे। उनके बाद डा.अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और फिर चौधरी उदयभान प्रदेश अध्यक्ष बने।

सत्यवार्ता से अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए वॉट्सएप चैनल को ज्वाइन करें https://whatsapp.com/channel/0029VaB40FS2ZjCiiziPWL02