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हाइलाइट्स
कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को देवता गण उठते हैं, इसलिए इसे देवउठनी एकादशी कहते हैं.
इस वर्ष कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि 22 नवंबर को रात 11 बजकर 03 मिनट से शुरू हो रही है.
देवउठनी एकादशी पर 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है.
देवउठनी एकादशी का व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. इसे हरि प्रबोधिनी एकादशी और देवुत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. देवउठनी एकादशी को चातुर्मास का समापन होता है, साथ ही विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य पर लगी रोक भी हट जाती है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और अगले दिन तुलसी विवाह का भी आयोजन होता है. व्रती अपने घरों में तुलसी के साथ भगवान शालिग्राम का विवाह कराते हैं. इससे सुख और सौभाग्य बढ़ता है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि इस साल देवउठनी एकादशी कब है? देवउठनी एकादशी पूजा मुहूर्त, पारण समय और महत्व क्या है?
कब है देवउठनी एकादशी 2023?
कहा जाता है कि कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को देवता गण उठते हैं, इसलिए इसे देवउठनी एकादशी कहते हैं. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि 22 नवंबर को रात 11 बजकर 03 मिनट से शुरू हो रही है और यह तिथि 23 नवंबर गुरुवार के दिन रात 09 बजकर 01 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के आधार पर देवउठनी एकादशी का व्रत 23 नवंबर को रखा जाएगा.
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देवउठनी एकादशी का महत्व क्या है?
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु 4 माह की योग निंद्रा से बाहर आते हैं. उसके बाद वे फिर से सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान शिव से प्राप्त करते हैं. कहा जाता है कि देवउठनी एकादशी को भगवान पाताल लोक को छोड़कर वापस अपने वैकुंठ धाम वापस आ जाते हैं. असुरराज बलि को दिए वचन के अनुसार, भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक पाताल लोक में रहते हैं.
देवउठनी एकादशी पर चातुर्मास का समापन
देवउठनी एकादशी के दिन चातुर्मास का समापन हो जाता है क्योंकि भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आ जाते हैं. उस दिन से विवाह, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं. उस दिन से इनके लिए शुभ मुहूर्त देखे जाने लगते हैं.
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देवउठनी एकादशी 2023 पर बनेंगे 3 शुभ योग
23 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. उस दिन रवि योग सुबह 06:50 बजे से शाम 05:16 बजे तक है. सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 05:16 बजे से अलगे दिन सुबह 06 बजकर 51 मिनट तक है. वहीं सिद्धि योग दिन में 11 बजकर 54 मिनट से अगले दिन सुबह 09 बजकर 05 मिनट तक है.
देवउठनी एकादशी 2023 पारण समय
जो लोग 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी का व्रत रखेंगे, वे 24 नवंबर को सुबह 06 बजकर 51 मिनट से सुबह 08 बजकर 57 मिनट के बीच कभी भी पारण कर सकते हैं. उस दिन पारण के लिए 2 घंटे से अधिक का समय प्राप्त होगा. 24 नवंबर को द्वादशी तिथि की समाप्ति शाम 07 बजकर 06 मिनट पर होगी.
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Tags: Dev prabodhini ekadashi, Dharma Aastha, Lord vishnu
FIRST PUBLISHED : November 3, 2023, 11:22 IST
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