DGP RR Swain Says We Will Create Situation When No One Will Be Ready To Help Pakistani Handers To Disturb Peace In Jammu Kashmir ANN

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DGP RR Swain On Pakistani Handlers: जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आरआर स्वैन शनिवार (4 नंवबर) को बारामूला में शहीद हुए  पुलिसकर्मी के परिवार से मिलने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यह घोषणा की कि राज्य में आतंकवादी समूहों के सभी समर्थकों के खिलाफ सर्दियों के दौरान एक नया ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ शुरू किया जाएगा.  

1 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस की कमान संभालने वाले डीजीपी स्वैन ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि सीमा पार के आतंकी ऑपरेटर यहां शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. स्वैन ने बताया कि यह ऑपरेशन सर्दियों में शुरू होगा और सुरक्षा बल इन सभी आतंकी समर्थकों को खत्म कर देंगे, जो यहां इसका समर्थन करते हैं. 

‘पाकिस्तान की सभी योजनाओं को कर देंगे नाकाम’
डीजीपी स्वैन ने कहा, “हम आतंकवादियों को हथियार और गोला-बारूद दोनों भेजने की पाकिस्तान की सभी योजनाओं को नाकाम कर देंगे. हम आतंकियों और उनके समर्थकों को सुरक्षाकर्मियों या आम नागरिकों की हत्या की अनुमति नहीं देंगे.” 

स्वैन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवादियों की सभी नापाक योजनाओं को विफल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी मुमकिन है, जब आतंकवादियों को स्थानीय समर्थन नहीं मिले. 

‘पाकिस्तानी आकाओं की मदद को नहीं होगा कोई तैयार’
डीजीपी ने कहा कि पुलिस जम्मू कश्मीर में ऐसा माहौल बनाएगी, जहां कोई भी सीमा पार मौजूद अपने आकाओं की मदद करने के लिए तैयार नहीं होगा. स्वैन ने कहा, “सभी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा, चाहे वे यहां (जम्मू-कश्मीर) से हों या फिर सीमा पार पाकिस्तान के हों.”

31 अक्टूबर को बारामूला के करालपोरा गांव में जम्मू-कश्मीर पुलिस कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार की हत्या पर डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को उनकी हत्या को लिए सुराग मिल गए हैं और इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, “हमने पुलिस के एक सदस्य के अलावा एक पिता, भाई और एक कश्मीरी को भी खो दिया है.” 

गौरतलब है कि हाल ही में जम्मू कश्मीर के तीन जिलों में आतंकियों ने टारगेट हमले में एक पुलिसकर्मी, एक गैर-स्थानीय मजदूर की हत्या कर दी थी, जबकि एक पुलिस अधिकारी घायल कर दिया था, जिसका अभी भी श्रीनगर अस्पताल में इलाज चल रहा है. 

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