
सीरिया की राजधानी दमिश्क के ड्वैला स्थित सेंट एलियास चर्च में प्रार्थना सभा के दौरान आत्मघाती हमलावर ने श्रद्धालुओं पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसके बाद खुद को बम से उठा लिया। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सीरिया के गृह मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे आईएसआईएस से जुड़े आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया है।
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सीरिया के दमिश्क से एक बड़े बम धमाके की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार दमिश्क के एक चर्च में आत्मघाती हमला किया गया है। इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दमिश्क के सेंट एलियास ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में एक सशस्त्र आत्मघाती हमलावर ने श्रद्धालुओं पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई।

सीरिया प्रशासन को बड़ी चुनौती
एसएएनए की रिपोर्ट के अनुसार सीरियाई सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सेंट एलियास चर्च के आसपास तैनाती कर दी है। राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। मालूम हो कि दमिश्क सीरिया की राजधानी है। ऐसे में राजधानी में बड़े हमले के लिए सीरिया प्रशासन को एक बड़ी चुनौती दी गई है। चर्च में हुए धमाके की जानकारी मिलते ही वहां राहत-बचाव कार्य के लिए गैर सरकारी संगठन के कई कार्यकर्ता भी पहुंच चुके हैं।
आईएसआईएस से जुड़े हमलावर ने घटना को दिया अंजाम
दमिश्क के चर्च में हुए धमाके पर सीरिया के गृह मंत्रालय की ओर से भी जानकारी सामने आई है। जिसमें बताया गया कि दमिश्क के डुवैला इलाके में स्थित सेंट एलियास चर्च में हुए भीषण आत्मघाती हमले को आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया। मंत्रालय ने बताया कि हमलावर पहले चर्च में घुसा, भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग की, और फिर खुद को उड़ा लिया। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

सीरिया के मंत्री का बयान
सीरिया के सूचना मंत्री डॉ. हमजा अल-मुस्तफा ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हम ड्वैला में स्थित चर्च पर हुए इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा, “यह कायराना कृत्य हमारी नागरिक एकता और भाईचारे के मूल्यों के खिलाफ है। सीरियाई समाज राष्ट्रीय एकता और नागरिक शांति में विश्वास करता है और सभी समुदायों के बीच भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता है।”











