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Munu Mahawar Met Abdulla Shahid: मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर ने बुधवार (1 नवंबर) को वहां के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद से मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न आयामों के तहत उपलब्धियों का जायजा लिया. भारतीय दूत और मालदीव के विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
भारतीय उच्चायुक्त ये बोले
भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर ने अपने X हैंडल लिखा, ”(मालदीव के) विदेश मंत्री अबदुल्ला शाहिद से मुलाकात करके बहुत खुशी हुई. हमारे बहुआयामी संबंधों में हुई ऑल-राउड जबरदस्त प्रगति का जायजा लिया और इसे हासिल करने में मालदीव के विदेश मंत्रालय से मिले मजबूत समर्थन के लिए अपनी गहरी सराहना व्यक्त की.
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा, ”मंत्री शाहिद ने मालदीव-भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना की.”
मालदीव के विदेश मंत्री अबदुल्ला शाहिद ने क्या कहा?
इससे पहले X पर मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, ”…भारत के उच्चायुक्त मुनु महावर से मिलकर खुशी हुई. हमने विभिन्न क्षेत्रों में मालदीव और भारत के बीच मजबूत सहयोग पर विचार किया. संबंधों के लंबे इतिहास में मालदीव को भारत के अटूट समर्थन और सहायता और हमारी दोस्ती और साझेदारी को मजबूत करना जारी रखने की प्रतिबद्धता की बहुत सराहना करता हूं.
Great pleasure to call on H.E. Foreign Minister @abdulla_shahid .
Took stock of the all-round tremendous progress made in our multifaceted relationship and conveyed our deep appreciation for the strong support received from @MoFAmv in achieving this. https://t.co/s3jbPqcOQv
— Amb Munu Mahawar (@AmbMunu) November 1, 2023
चीन की तरफ माना जाता है मोहम्मद मोइज्जू का झुकाव
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह बैठक इस महीने होने वाले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के शपथ ग्रहण से पहले हुई है. मोइज्जू के चुने जाने पर चीन में ऐसी उम्मीदें बढ़ गईं कि भारत के दक्षिणी तट के करीब हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से स्थित मालदीव मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के उलट बीजिंग समर्थक नीतियों को आगे बढ़ाएगा. सोलिह ने भारत पहले की नीति अपनाई थी और नई दिल्ली के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित किए.
मालदीव के लिए भारत क्यों अहम?
सोलिह के कार्यकाल के दौरान भारत ने 5.21 लाख की आबादी वाले मालदीव में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू कीं और उसे आर्थिक सहायता प्रदान की. संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष के लिए विदेश मंत्री शाहिद के चुनाव के लिए भी भारत ने सक्रिय रूप से प्रचार किया. भारत ने मालदीव को वैक्सीन भी उपलब्ध कराईं.
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