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Israel Gaza Attack: हमास के साथ जारी जंग के बीच इजरायल ने शुक्रवार (3 नवंबर) को फिलिस्तीनियों को लेकर बड़ा फैसला लिया. दरअसल, इजरायली सरकार ने ऐलान किया कि इजरायल में काम कर रहे गाजा के सभी लोगों को वापस भेजा जाएगा.
अभी तक फिलिस्तीनियों को इजरायल और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नौकरी करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब बिगड़ते हालात के बीच इजरायली सरकार ने यह फैसला सुनाया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बताया, “इजरायल गाजा के साथ हर तरह के संबंध तोड़ रहा है. अब इजरायल में गाजा का कोई फिलिस्तीनी श्रमिक नहीं होगा. हमास के हमले के दिन गाजा के जो वर्कर्स इजरायल में थे, उन्हें गाजा भेजा जाएगा.”
18,000 लोगों को थी अनुमति
इतना ही नहीं, इजरायल के सिक्योरिटी कैबिनेट ने इस पर भी सहमति जताई है कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी फंड में गाजा के लिए जो भी तय फंड है, उसे खत्म किया जाए. बता दें कि इजरायल ने पहले 18,000 से अधिक परमिट जारी किए थे, जिससे गाजावासियों को कृषि या निर्माण जैसे क्षेत्रों में नौकरियां लेने के लिए इजरायल और इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में प्रवेश करने की अनुमति मिलती थी.
14 लाख से अधिक लोग हो चुके हैं विस्थापित
गौरतलब है कि पिछले महीने साथ अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने अचानक इजरायली क्षेत्र पर हमला बोल दिया था, जिसमें करीब 1400 लोग मारे गए थे. इसके साथ ही लड़ाकों ने 200 लोगों को बंधक बना लिया था. हमास के इस हमले के बाद से इजरायली सेना गाजा पट्टी में घुसकर जवाबी कार्रवाई कर रहे है.
गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के हमले में अब तक 9,200 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से लगभग आधे बच्चे हैं. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि गाजा की लगभग 23 लाख की आबादी में से 14 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं.
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