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Palestine UN Proposal Amid Gaza Attack: संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को इजरायल-हमास युद्ध रोकने के लिए प्रस्ताव लाया गया. इस प्रस्ताव में गाजा में इजरायली बमबारी पर रोक लगाने का आग्रह किया गया. 121 देशों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जाहिर की जबकि अमेरिका समेत 14 देशों ने इसका विरोध किया.
संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के स्थायी पर्यवेक्षक रियाद मंसूर ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले 120 देशों का शुक्रिया अदा किया और बोले, “इस दुनिया में अभी भी अच्छाई है और हम आज आपकी आभार को कभी नहीं भूलेंगे.”
रियाद मंसूर ने कहा कि गाजा के खिलाफ हो रहे युद्ध के लिए वह सारे दरवाजे खटखटाएंगे. संसद में जो प्रस्ताव लाया गया उसका शीर्षक था, “नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी और मानवीय दायित्वों का पालन”. इस प्रस्ताव में लिखा था कि प्रस्ताव किसी भी फिलिस्तीनी या इजरायली नागरिकों को निशाना बनाने वाली हिंसा की सभी गतिविधियों की निंदा करता है.
BREAKING: UN General Assembly ADOPTS resolution on “protection of civilians and upholding legal and humanitarian obligations” on the ongoing Gaza crisis
FOR: 120
AGAINST: 14
ABSTAIN: 45LIVE COVERAGEhttps://t.co/MOnKoTdNsb pic.twitter.com/WG68GaxMMV
— UN News (@UN_News_Centre) October 27, 2023
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कनाडा के पूर्व में दिए गए बयान को लेकर चिंता जाहिर की. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कनाडा ने इजरायल पर हमास के हमलों की निंदा की थी. मुनीर अकरम ने कहा, “यह आश्चर्यजनक था कि कनाडा ने हमास की निंदा तो की लेकिन गाजा में हमलों के लिए इजरायल की निंदा की जरूरत महसूस नहीं की.”
उन्होंने कहा कि “इस संकट के पीछे मूल दोष इजरायली कब्जा है, न कि 7 अक्टूबर का हमला. यदि कनाडा निष्पक्ष रहना चाहता है, तो उसे दोनों पक्षों की निंदा करनी चाहिए या किसी का नाम नहीं लेना चाहिए.”
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