प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को दिया रेजीडेंसियल कॉम्प्लेक्स का तोहफा, आधुनिक तकनीक से बने पांच कमरों के फ्लैट

New Flats for Mps: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर संसदों के लिए नए रेजीडेंसियल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। चार कॉम्प्लेक्स में 184 टाइप-7 फ्लैट हैं। इनको बनाने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग हुआ है, जिससे इनकी लाइफ 100 साल तक रहेगी।

दिल्ली में संसद सदस्यों के लिए नए रेजीडेंसियल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते प्रधानमंत्री मोदी व अन्य। सोशल मीडिया।

New Flats for Mps: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर संसदों के लिए नए रेजीडेंसियल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। चार कॉम्प्लेक्स में 184 टाइप-7 फ्लैट हैं। इनको बनाने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग हुआ है, जिससे इनकी लाइफ 100 साल तक रहेगी।

New Flats for Mps: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संसद सदस्यों के लिए बनाए गए फ्लैट्स का उद्घाटन किया। इन फ्लैटों को खास तरह से डिजाइन किया गया है। हर एक में 5 कमरों के साथ ऑफिस बनाने के लिए भी स्पेस रखा गया है। साथ ही सांसद के निजी सहायक को भी जगह दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनको बनाने में ईंटों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

पीएम ने निर्माण करने वाले मजदूरों से की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लैटों का उद्घाटन करने से पहले निर्माण करने वाले मजदूरों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के बाद संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज मुझे संसद में अपने सहयोगियों के लिए आवासीय परिसर का उद्घाटन करने का मौका मिला है। ये चार टावर हैं, जिनके नाम कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली रखे गए हैं। ये भारत की चार महान नदियों के नाम हैं।

पांच हजार वर्ग फीट में बना एक फ्लैट

एक फ्लैट को 5 हजार स्क्वायर फीट में बनाया गया है। इसमें 5 कमरे बनाए गए हैं। जिसमें सांसद और उनके सहायक के लिए अलग से वर्कप्लेस बनाया गया है। इसके अलावा, फ्लैट में सहायक कर्मचारियों के लिए दो कमरे दिए गए हैं। हर एक कमरे में अंदर ही बाथरूम बनाया गया है। इन फ्लैट्स को ईंटों से न बनाकर आरसीसी और एल्यूमीनियम से बनाया गया है। इन फ्लैट्स में टाइप-8 बंगलों से भी ज्यादा जगह दी गई है।

अंडरग्राउंड दो मंजिला पार्किंग में खड़े होंगे 500 वाहन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन परियोजना को तैयार करने में करीब 550 करोड़ रुपये की लागत आई है। इनको ऐसी तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे ये 100 साल से भी ज्यादा समय तक चल सकते हैं। इसमें इतनी जगह है कि एक साथ 500 गाड़ियों को पार्क किया जा सकता है। इसके लिए अंडरग्राउंड दो मंजिला पार्किंग बनाई गई है।

कोसी का नाम आते ही कुछ लोगों को बिहार चुनाव दिखेगा- मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि टॉवर के नाम पर भी कुछ लोगों को परेशानी होगी। एक टॉवर का नाम कोसी नदी पर रखा है, तो उनको कोसी नदी नहीं दिखेगी, उनको बिहार का चुनाव नजर आएगा। नदियों के नामों की परंपरा देश की एकता के सूत्र में हमें बांधती है। इसके पीछे का यही उद्देश्य है।

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बदहाली के शिकार थे पुराने सांसद आवास

पीएम ने कहा कि मुझे पुराने सांसद आवासों को देखने का मौका मिलता रहा है। पुराने आवास जिस तरह बदहाली का शिकार होते थे, सांसदों को जिस तरह आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए आवासों में गृह प्रवेश के बाद उनसे मुक्ति मिलेगी। सांसद साथी अपनी समस्याओं से मुक्त रहेंगे, तो वो अपना समय और अपनी ऊर्जा जनता की समस्याओं के समाधान में लगा पाएंगे।

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