
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन का पर्व हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष न तो भद्राकाल का साया रहेगा और न ही पंचक का। आज रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा।
यह मंत्र पढ़ते हुए बांधें राखी
“येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” इसका अर्थ है- जिस पवित्र सूत्र से महान दानवीर राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांध रही हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम स्थिर रहो, कभी ढीले या विचलित न हो।
राखी बांधने की विधि
शनिवार 9 अगस्त को शुभ मुहूर्त से पहले रक्षा बंधन की थाली तैयार करें। इसमें कुमकुम, चावल, मिठाई, राखी, पानी से भरा लोटा और नारियल रखें। मुहूर्त में भाई और बहन आमने-सामने आसन पर बैठें। बहन, भाई के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाए, उसके हाथ में नारियल रखे और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे। राखी बांधते समय मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और वस्त्र या अन्य उपहार दें। भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले और उसे उपहार दे।

क्या होता है भद्राकाल ?
Raksha Bandhan 2025: मुहूर्त चिन्तामणि शास्त्र के अनुसार जब भद्रा काल प्रारंभ होता है तो इसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। यहां तक कि यात्रा भी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही भद्रा काल में राखी बांधना भी शुभ नहीं माना गया है। मान्यता के अनुसार चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास तय किया जाता है।
भद्रा जिस लोक में रहती है वहीं रहती है प्रभावी
गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि या मीन राशि में होता है। तब भद्रा का वास पृथ्वी में निवास करके मनुष्यों को क्षति पहुंचाती है। वहीं मेष राशि, वृष राशि, मिथुन राशि और वृश्चिक राशि में जब चंद्रमा रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है और देवताओं के कार्यों में विघ्न डालती है। जब चंद्रमा कन्या राशि, तुला राशि, धनु राशि या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है। भद्रा जिस लोक में रहती है वहीं प्रभावी रहती है।
रक्षाबंधन शुभ तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से लग चुकी है जो 09 अगस्त यानी आज दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इस तरह के उदया तिथि के अनुसार रक्षाबंधन आज मनाया जा रहा है।

रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय
आज रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय प्रातः 09: 07 मिनट से लेकर 10:47 मिनट तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल के दौरान राखी बांधना और किसी भी शुभ कार्य को करना उचित नहीं माना जाता है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहने के कारण आज सुबह से ही राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो गया है जो दोपहर को 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा शाम के समय भी राखी बांधी जा सकती है। लेकिन आज राहुकाल के दौरान राखी बांधने से बचना होगा।
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राखी बांधने की सही दिशा
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए और सिर को रुमाल से ढ़कना चाहिए। राखी भाई की दाहिने हाथ की कलाई में बांधना शुभ होता है।
आज रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया
इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में राखी पूरे दिन बांधी जा सकेगी। अगर शुभ मुहूर्त का विचार करें तो आज राखी बांधने के तीन शुभ मुहूर्त मिलेंगे। पहला मुहूर्त सुबह से लेकर 9 बजे तक। दूसरा दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 4 बजकर 30 मिनट तक। तीसरा शुभ मुहूर्त शाम 06 बजे से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक।
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