
महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज से पहले टीम के उप-कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को उनकी बल्लेबाजी को लेकर अहम सलाह दी है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद यह सीरीज भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जहां शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे और पंत उनके डिप्टी होंगे।
पंत को मिली ‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ की सलाह
ऋषभ पंत, जो अपने बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, पर अब अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनके कुछ गैर-जिम्मेदाराना शॉट्स को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था। ऐसे में सचिन तेंदुलकर ने पंत से अपने खेल में परिपक्वता लाने की बात कही है। तेंदुलकर ने कहा कि पंत को ज्यादातर समय अपनी सहज प्रवृत्ति पर भरोसा करना चाहिए। लेकिन ऐसी भी स्थितियां होंगी जहां उसे टीम के हित में अपने खेल को संयमित करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंत को अपने दिमाग में लचीलापन लाना होगा।
अगर मैं कप्तान होता तो…
सचिन ने समझाया कि अगर वह टीम के कप्तान होते तो पंत को कैसे हैंडल करते। उन्होंने कहा, “दस में से नौ बार, अगर मैं कप्तान होता, तो मैं कहता, ‘बस जाओ और अपना खेल खेलो, किसी बात की चिंता क्यों करो।’ अगर आप खेल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, तो तभी दृष्टिकोण थोड़ा बदल जाता है, लेकिन अन्यथा मैं उसे कहता कि तुम खुद बनो और वही करो जो तुम्हें टीम के हित में सबसे अच्छा लगता है।”
कभी-कभी आक्रामक न होना भी टीम के लिए बेहतर
तेंदुलकर का मानना है कि पंत को यह समझने की जरूरत है कि कब उन्हें अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को छोड़कर रक्षात्मक रवैया अपनाना है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी 45 मिनट या दो घंटे के लिए जोखिम भरे शॉट्स को खेल से बाहर रखना और आक्रामक न होना टीम के लिए बेहतर हो सकता है। सकारात्मक रहते हुए भी शॉट चयन बहुत महत्वपूर्ण होगा।
पंत पर रहेंगी सभी की निगाहें
यह सीरीज भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत है और युवा कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में टीम इंग्लैंड में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेगी। ऐसे में ऋषभ पंत की भूमिका अहम होगी और उन पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।











